वाराणसी में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, जितेंद्र कुमार हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी: रोहनिया थाना क्षेत्र में रविवार देर रात पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की संयुक्त टीम की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी आठ जून को अवलेशपुर में हुए चर्चित किराना कारोबारी जितेंद्र कुमार हत्याकांड में वांछित थे। घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध तमंचे और कारतूस भी बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को हत्याकांड के खुलासे की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है जबकि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी लगातार जारी है।
घेराबंदी के दौरान पुलिस पर की गई फायरिंग
पुलिस के मुताबिक रविवार देर रात रोहनिया थाना पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम अवलेशपुर क्षेत्र में हत्याकांड के आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। इसी दौरान पुलिस को संदिग्ध बदमाशों की मौजूदगी की सूचना मिली। टीम ने इलाके की घेराबंदी कर उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की जिसमें दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी। घायल होने के बाद दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोलू पटेल उर्फ माफिया और ज्ञान पटेल के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों के कब्जे से अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। दोनों फिलहाल पुलिस अभिरक्षा में हैं और चिकित्सकीय निगरानी के बीच उनसे पूछताछ की जा रही है।
विशेष टीम की कार्रवाई से मिली सफलता
एडीसीपी वरुणा लिपि नागायत ने बताया कि जितेंद्र कुमार हत्याकांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था। घटना के बाद से पुलिस लगातार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी थी। रविवार रात सूचना मिलने पर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने संयुक्त अभियान चलाया। इसी दौरान मुठभेड़ हुई और दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार पुलिस ने कानून के दायरे में रहकर जवाबी कार्रवाई की और अब मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार दबिश दी जा रही है।
आठ जून को हुई थी किराना कारोबारी की हत्या
पुलिस के अनुसार आठ जून की रात अवलेशपुर निवासी किराना कारोबारी जितेंद्र कुमार की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और व्यापारियों में भी आक्रोश देखा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने विशेष जांच टीम का गठन किया और घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के साक्ष्य जुटाए और कई लोगों से पूछताछ भी की।
जमीन के लेनदेन का विवाद जांच के केंद्र में
प्रारंभिक जांच में पुलिस के सामने जमीन की खरीद बिक्री से जुड़ा आर्थिक विवाद सामने आया। पुलिस का कहना है कि जितेंद्र कुमार ने लगभग अस्सी लाख रुपये में एक जमीन बेची थी। इसी रकम के बंटवारे को लेकर उनके भाइयों और कुछ करीबी लोगों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस फिलहाल इसी आर्थिक विवाद को हत्या के प्रमुख कारणों में मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। हालांकि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
बैंक खाते में जमा धनराशि पर थी नजर
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी जितेंद्र कुमार के बैंक खाते में जमा धनराशि पर कब्जा करना चाहते थे। इसको लेकर पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद और कहासुनी हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार जितेंद्र कुमार ने आरोपियों की मांग मानने से इनकार कर दिया था जिसके बाद कथित रूप से हत्या की साजिश रची गई। अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक लेनदेन पारिवारिक विवाद और अन्य संभावित कारणों की भी गहनता से जांच की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम का स्पष्ट तथ्य सामने आ सके।
तीन अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ
सूत्रों के अनुसार मुठभेड़ में घायल हुए दो आरोपियों के अलावा पुलिस ने तीन अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। बताया जा रहा है कि सभी संदिग्ध मिर्जापुर जिले के अहरौरा क्षेत्र के रहने वाले हैं। हालांकि पुलिस ने अभी सभी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है ताकि सभी आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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