काशी की दिव्य संध्या में मां गंगा की आरती में शामिल हुईं टीना यादव अदिति यादव और सांसद प्रिया सरोज
दशाश्वमेध घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार और दीपों की अलौकिक छटा के बीच किया मां गंगा का पूजन विजिटर बुक में स्वच्छता का दिया संदेश
वाराणसी: विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से आयोजित होने वाली मां गंगा की दैनिक आरती में रविवार की संध्या उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पुत्री टीना यादव अदिति यादव तथा मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज श्रद्धा और आस्था के साथ शामिल हुईं। तीनों अतिथियों ने विधि विधान से मां गंगा का पूजन किया और वैदिक परंपरा के अनुरूप संपन्न हुई विश्वविख्यात गंगा आरती का दर्शन किया। संध्या आरती के दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने भी इस दिव्य आयोजन का साक्षी बनकर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
सूर्यास्त के बाद जैसे ही गंगा तट पर आरती का शुभारंभ हुआ पूरा दशाश्वमेध घाट शंखनाद घंटियों की ध्वनि वैदिक मंत्रोच्चार और दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठा। वेदपाठी ब्राह्मणों ने पारंपरिक शैली में मां गंगा की आराधना की। धूप दीप और अग्नि की लौ के साथ संपन्न हुई आरती के दौरान गंगा तट पर उपस्थित हजारों श्रद्धालु श्रद्धा भाव से आरती का दर्शन करते रहे। हर हर महादेव और गंगा मैया की जय के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
विश्वभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है गंगा आरती
दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती आज वाराणसी की धार्मिक पहचान के साथ साथ भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक बन चुकी है। प्रतिदिन देश और विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालु तथा पर्यटक इस आयोजन को देखने के लिए घाट पहुंचते हैं। आरती के दौरान गंगा तट पर दिखाई देने वाला अनुशासित धार्मिक वातावरण और वैदिक परंपरा की झलक लोगों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का कार्य करती है। यही कारण है कि यह आयोजन काशी आने वाले अधिकांश श्रद्धालुओं की यात्रा का प्रमुख हिस्सा माना जाता है।
टीना यादव अदिति यादव और सांसद प्रिया सरोज ने पूरे आयोजन को श्रद्धा पूर्वक देखा। उन्होंने गंगा पूजन के बाद आरती की धार्मिक परंपरा और उसके महत्व की जानकारी भी प्राप्त की। घाट का आध्यात्मिक वातावरण गंगा की शांत धारा और दीपों की मनोहारी छटा ने उन्हें भावविभोर कर दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ कुछ समय घाट पर बिताया और आयोजन की गरिमा को निकट से देखा।
विजिटर बुक में लिखा गंगा स्वच्छता का संदेश
आरती के उपरांत टीना यादव ने गंगा सेवा निधि की विजिटर बुक में अपने अनुभव दर्ज किए। उन्होंने लिखा कि भगवती मां गंगा की आरती ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया और सभी लोगों को मां गंगा की स्वच्छता के लिए कार्य करना चाहिए क्योंकि मां गंगा हम सभी के लिए मां के समान हैं। उनके इस संदेश को गंगा संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का सकारात्मक संदेश माना गया।
गंगा सेवा निधि ने किया पारंपरिक सम्मान
इस अवसर पर गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा और कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी ने अतिथियों का अंगवस्त्र प्रसाद और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने गंगा आरती की परंपरा तथा संस्था द्वारा वर्षों से किए जा रहे धार्मिक और सामाजिक कार्यों की जानकारी भी साझा की। पदाधिकारियों ने कहा कि मां गंगा की आरती केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि प्रकृति संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के प्रति सम्मान का प्रतीक है। इसके माध्यम से गंगा की स्वच्छता और संरक्षण का संदेश भी समाज तक पहुंचाया जाता है।
करीब एक घंटे तक घाट पर रहीं मौजूद
टीना यादव अदिति यादव और सांसद प्रिया सरोज लगभग एक घंटे तक दशाश्वमेध घाट पर मौजूद रहीं। इस दौरान उन्होंने घाट की धार्मिक गतिविधियों को निकट से देखा और वहां उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया। आयोजन के बाद उन्होंने गंगा आरती की व्यवस्था और उसकी सांस्कृतिक गरिमा की सराहना की।
काशी की आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत स्वरूप
वाराणसी की पहचान केवल एक प्राचीन नगर के रूप में नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति अध्यात्म और सनातन परंपरा के जीवंत केंद्र के रूप में भी है। दशाश्वमेध घाट पर प्रतिदिन आयोजित होने वाली मां गंगा की आरती इस विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रविवार की संध्या आयोजित आरती में श्रद्धा भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और अतिथियों को गहरे रूप से प्रभावित किया। दीपों की जगमगाहट गंगा की शांत लहरें और वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच संपन्न हुई यह आरती एक बार फिर काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को सशक्त रूप से सामने लेकर आई।
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