गाजीपुर में मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से संविदा लाइनमैन की मौत, मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर दो घंटे तक चक्का जाम
गाजीपुर: खानपुर थाना क्षेत्र के बहुरा मड़ई गांव निवासी विद्युत विभाग के एक संविदा लाइनमैन की शनिवार सुबह 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन पर मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। नाराज लोगों ने विद्युत विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खानपुर विद्युत उपकेंद्र के समीप बिहारीगंज चंदवक मार्ग पर शव रखकर करीब दो घंटे तक चक्का जाम किया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की।
शटडाउन वापस लेने के आरोप के बीच हुआ हादसा
मृतक के चचेरे भाई रजनीश यादव के अनुसार बहुरा मड़ई गांव निवासी धर्मेंद्र यादव उर्फ वकील यादव पुत्र रामअवध यादव की उम्र लगभग 30 वर्ष थी और वह विद्युत विभाग में संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह अहलादपुर गांव में 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन पर मरम्मत कार्य कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि मरम्मत शुरू करने से पहले नियमानुसार शटडाउन लिया गया था, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के शटडाउन वापस ले लिया गया। इसके चलते अचानक लाइन में करंट प्रवाहित हो गया और धर्मेंद्र उसकी चपेट में आ गए।
गंभीर रूप से झुलसने के बाद अस्पताल में हुई मौत
परिजनों के अनुसार करंट लगने के बाद धर्मेंद्र गंभीर रूप से झुलस गए और खंभे से नीचे गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद साथी कर्मचारियों और आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खानपुर पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पत्नी और छोटे बच्चों का सहारा छिना
धर्मेंद्र यादव की शादी वर्ष 2021 में हुई थी। उनके परिवार में पत्नी राधिका देवी, दो वर्षीय पुत्री श्रीयांशी और करीब पंद्रह दिन का नवजात पुत्र श्रीयांश हैं। माता भगवानी देवी समेत पूरे परिवार का रो रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की आजीविका का मुख्य आधार धर्मेंद्र ही थे और उनकी असमय मृत्यु से पूरा परिवार संकट में आ गया है।
विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन और चक्का जाम
घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने खानपुर विद्युत उपकेंद्र के समीप बिहारीगंज चंदवक मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक चले चक्का जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, मृतक के परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो इस हादसे को रोका जा सकता था।
सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया, तहसीलदार हिमांशु सिंह, क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी, सैदपुर कोतवाल अनिल सिंह, भांवरकोल थाना प्रभारी बासुदेव प्रसाद तथा खानपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। काफी समझाने बुझाने के बाद स्थिति सामान्य हुई और मार्ग पर यातायात दोबारा शुरू कराया गया।
जांच और कार्रवाई की उठी मांग
इस घटना के बाद एक बार फिर विद्युत लाइन पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था और शटडाउन प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि यदि शटडाउन प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाता तो यह हादसा नहीं होता। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। प्रशासन की ओर से मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
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