कथित निवेश ठगी की शिकायत पर पुलिस ने रुकवाया कार्यक्रम जांच में जुटी साइबर क्राइम टीम
वाराणसी: कथित करोड़ों रुपये की निवेश ठगी से जुड़े मामले में पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक कार्यक्रम को रुकवा दिया। रविवार को नागरी नाटक मंडली में आयोजित होने जा रहे मेडलियन ज्वेलर्स प्रा लि के कार्यक्रम पर साइबर क्राइम पुलिस की टीम पहुंची और जांच के बाद कार्यक्रम को तत्काल बंद करा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना स्वयं पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और कार्यक्रम में हस्तक्षेप करते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कराई। पुलिस अब कंपनी की निवेश योजनाओं, आयोजकों की भूमिका और शिकायत में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच कर रही है।
कथित आर्थिक धोखाधड़ी की शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार मेडलियन ज्वेलर्स प्रा लि के खिलाफ पहले से कथित आर्थिक धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस आयुक्त वाराणसी को प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने निवेशकों को गोल्ड, कैशबैक और नेटवर्क मार्केटिंग योजनाओं के माध्यम से जोड़ते हुए निश्चित अवधि में निवेश की गई राशि दोगुनी करने, सोना उपलब्ध कराने और अन्य आकर्षक लाभ देने का दावा किया था। आरोप है कि बड़ी संख्या में लोगों से निवेश कराने के बाद कंपनी ने भुगतान और अन्य वादों को पूरा नहीं किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्यक्रम के दौरान मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
कार्यक्रम स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2020 में मेडलियन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत कंपनी ने नेटवर्क मार्केटिंग के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। आरोप के अनुसार कंपनी ने 10 से 20 महीने के भीतर निवेश की गई राशि दोगुनी करने, सोना उपलब्ध कराने और विदेश यात्रा जैसे आकर्षक प्रस्ताव देकर बड़ी संख्या में लोगों से धन एकत्र किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शुरुआती चरण में कुछ निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास हासिल किया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। उनका आरोप है कि वर्तमान समय में न तो निवेशकों को उनकी जमा राशि वापस मिल रही है और न ही कंपनी द्वारा किए गए अन्य वादे पूरे किए जा रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने धन और सोना बकाया होने का लगाया आरोप
मामले के शिकायतकर्ता भगवान सिंह राठौर ने आरोप लगाया है कि उन्होंने वर्ष 2023 में कंपनी की योजनाओं से जुड़कर स्वयं निवेश किया और कई अन्य लोगों को भी कंपनी से जोड़ा। उनके अनुसार उनकी टीम का लगभग 90 लाख रुपये तथा करीब 300 ग्राम सोना कंपनी के पास बकाया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी की ओर से जीएसटी बिल उपलब्ध नहीं कराए गए तथा टीडीएस की कटौती किए जाने के बावजूद संबंधित राशि जमा नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर निवेशकों का धन वापस दिलाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस सभी आरोपों की कर रही है जांच
पुलिस का कहना है कि प्राप्त शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। कार्यक्रम को एहतियात के तौर पर रुकवाया गया है ताकि तथ्यों का सत्यापन किया जा सके और निवेश योजना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस कंपनी के दस्तावेजों, निवेश योजनाओं तथा शिकायतकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों का परीक्षण कर रही है।
मामले की पृष्ठभूमि
देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान निवेश पर अधिक लाभ, निश्चित अवधि में पैसा दोगुना करने, सोना देने और नेटवर्क मार्केटिंग के माध्यम से कमाई का दावा करने वाली कई योजनाओं को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में पुलिस और संबंधित एजेंसियां लोगों से किसी भी निवेश योजना में धन लगाने से पहले उसकी वैधता, पंजीकरण और दस्तावेजों की पूरी तरह जांच करने की अपील करती रही हैं। वाराणसी में सामने आए इस मामले में भी पुलिस सभी तथ्यों का परीक्षण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
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