काशी को बदनाम करने की साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी में 40 से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया गया है। उन्होंने आग्रह किया कि काशी को बदनाम करने के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, उनका सार्वजनिक रूप से पर्दाफाश किया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई लोगों के सामने आ सके और काशी की गरिमा बनी रहे।
विरासत का सम्मान कैसे होता है, यह कांग्रेस से पूछने की जरूरत नहीं: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विरासत और तीर्थ स्थलों का सम्मान कैसे किया जाता है, यह कांग्रेस से पूछने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में 500 वर्षों के बाद भगवान राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है। चाहे तीर्थ स्थल हों या विरासत से जुड़े कार्य, ये सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपन्न हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और पूरे देश में ये विकास कार्य सुरक्षित और सफलतापूर्वक पूरे हो रहे हैं। कांग्रेस की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी अनर्गल बयानबाजी सुनकर हंसी भी आती है और दया भी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रवैया उस कहावत जैसा है, जैसे सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। सच्चाई यही है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी विकास परियोजनाओं में केवल बाधा डालने का काम करते रहे हैं।
मुख्यमंत्री : अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा के संरक्षण का कार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा के संरक्षण का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद यह प्रतिमा नए और भव्य स्वरूप में दिखाई देगी।
सीएम ने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा एआई का इस्तेमाल कर मंदिर तोड़े जाने का झूठा दुष्प्रचार किया जा रहा है, जो अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि लगातार इस तरह का दुष्प्रचार कर परियोजना को बदनाम करने और देश की विरासत के खिलाफ जनभावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे जनता समझ रही है।
मणिकर्णिका घाट पर मानवीय गरिमा और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे हैं कार्य: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर गंगा का पानी भरने से अंतिम संस्कार में गंभीर दिक्कतें होती हैं और परिवारों को पीड़ा झेलनी पड़ती है। इसी कारण घाटों का संरक्षण इस तरह किया जा रहा है कि धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप न हो और अंतिम विदाई सम्मानजनक रहे।
उन्होंने कहा कि गंगा की स्वच्छता बनाए रखने, डोम समुदाय के सम्मान की रक्षा करने और शवदाह को इको फ्रेंडली बनाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई जा रही है। साथ ही लकड़ी भंडारण, वेस्ट मैनेजमेंट, ड्रेनेज और लाइटिंग जैसी सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है, ताकि जलस्तर बढ़ने पर भी कोई समस्या न हो।
जनपद वाराणसी में पत्रकार बंधुओं से वार्ता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी विश्वनाथ में जब पूजा होती है, तब श्मशान की भी चर्चा होती है, चाहे वह मणिकर्णिका घाट हो या हरिश्चंद्र घाट। उन्होंने कहा कि आज भी मणिकर्णिका घाट पर जाकर देखा जा सकता है कि किन परिस्थितियों में अंतिम संस्कार होते हैं। कई बार हालात ऐसे होते हैं कि लोग अपने प्रियजन को सम्मानजनक अंतिम विदाई तक नहीं दे पाते, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी स्थिति को बदलने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। यह पहल सरकारी धन से नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से एक निजी कंपनी की सीएसआर निधि के माध्यम से की जा रही है।
सीएम योगी ने कहा कि इसके बावजूद कुछ लोग फिर से अनर्गल बयानबाजी और प्रलाप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में काशी में जो कार्य और सुधार चल रहे हैं, वे किसी से छिपे हुए नहीं हैं और इनका उद्देश्य केवल जनहित और मानवीय गरिमा को मजबूत करना है।
कांग्रेस ने अहिल्याबाई होल्कर का सम्मान नहीं किया, विरासत के संरक्षण का कार्य पीएम मोदी ने किया: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास गवाह है कि औरंगजेब ने बाबा विश्वनाथ मंदिर को तोड़ा था। इसके बाद मंदिर के जीर्णोद्धार का सबसे पहला प्रयास अहिल्याबाई होल्कर ने किया, लेकिन कांग्रेस ने कभी उनके योगदान को सम्मान नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से मिला।
सीएम योगी ने कहा कि बीते तीन चार दिनों से कुछ लोग झूठी तस्वीरें प्रसारित कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। ये वही लोग हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल में देश की विरासत को आगे बढ़ाने का कोई प्रयास नहीं किया, लेकिन अब भी भ्रम फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये लोग अनर्गल बयानबाजी करते हैं और नाविकों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले नाविक डीजल और कैरोसिन से चलने वाले स्टीमर पर निर्भर थे, जबकि अब सीएनजी की सुविधा उपलब्ध है। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ हुआ है, बल्कि नाविकों की आमदनी में भी वृद्धि हुई है।
कांग्रेस ने भारत की आस्था का अपमान किया, काशी का सम्मान नहीं कर सकती: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भारत की आस्था का अपमान किया है और वह कभी काशी का सम्मान नहीं कर सकती। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि करीब 100 वर्ष पहले अन्नपूर्णा मंदिर की मूर्ति काशी से यूरोप पहुंचा दी गई थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वापस लाया गया। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि पहले किसी ने इस दिशा में प्रयास क्यों नहीं किया, क्योंकि उन्हें देश की विरासत से परहेज था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास आस्था के अपमान से जुड़ा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने न केवल काशी बल्कि राम और कृष्ण जैसे आस्था के केंद्रों को लेकर भी आपत्तिजनक रुख अपनाया। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं और दिए गए बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह सब किसी से छिपा नहीं है।
सीएम योगी ने कहा कि जो दल भारत की आस्था और विरासत को सम्मान नहीं दे सकता, वह काशी जैसी पवित्र नगरी के महत्व को कभी नहीं समझ सकता।
मंदिर तोड़े जाने का आरोप सबसे बड़ा झूठ, काशी की विरासत का हुआ संरक्षण: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कहना कि काशी में मंदिर तोड़े गए हैं, इससे बड़ा झूठ कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले घाटों की स्थिति कैसी थी, यह किसी से छिपा नहीं है। आज वही घाट देश और दुनिया के लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम में अब एक साथ लगभग 50 हजार श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं, जबकि पहले एक समय में 5 हजार श्रद्धालुओं का दर्शन करना भी संभव नहीं था। यह परिवर्तन पिछले 11 वर्षों में हुए विकास कार्यों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि बीएचयू परिसर में नए शैक्षणिक संस्थान स्थापित हुए हैं। काशी को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज की सुविधा मिली है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कई नई सुविधाएं शुरू हुई हैं, जिससे काशी निरंतर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का विशेष अपनत्व काशी को मिला है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग काशी की विरासत को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के दौरान भी साजिशें रची गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक वर्कशॉप से टूटी मूर्तियों को एक स्थान पर इकट्ठा कर उन्हें वायरल किया गया, ताकि भ्रम फैलाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कहना कि मंदिर तोड़े गए हैं, पूरी तरह असत्य है। वास्तव में जो मंदिर जीर्णशीर्ण अवस्था में थे, उनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है, और यही वास्तविकता है।
2014 से पहले गंगा स्नान योग्य नहीं थी, आज आचमन और स्नान दोनों संभव: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 से पहले काशी में गंगा जल की स्थिति ऐसी नहीं थी कि आचमन तो दूर, स्नान भी किया जा सके। आज गंगा के जल में स्पष्ट सुधार हुआ है और श्रद्धालु न केवल आचमन कर रहे हैं, बल्कि स्नान भी कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण से पहले प्रतिदिन लगभग 5 हजार से 25 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते थे। धाम के निर्माण के बाद यह संख्या बढ़कर प्रतिदिन 1.25 लाख से डेढ़ लाख तक पहुंच गई है। सावन, महाशिवरात्रि और अन्य प्रमुख पर्वों पर 6 से 10 लाख श्रद्धालु काशी पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन किए और विकास परियोजनाओं को देखा। काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद देश की जीडीपी में लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान हुआ है। इससे पुरोहितों, गाइडों, व्यापारियों के साथ साथ नाविकों और टैक्सी चालकों को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे भारत से लेकर अमृत भारत ट्रेनों तक देश के विभिन्न हिस्सों से काशी की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। देश का पहला रोपवे भी काशी में स्थापित किया गया है। काशी विश्वनाथ धाम के साथ साथ अन्य आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण करते हुए विरासतों को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने कहा कि काशी की पहचान उसके पवित्र मंदिरों और मां गंगा से है। 2014 से पहले जिस गंगा जल में स्नान संभव नहीं था, आज वही गंगा श्रद्धालुओं के लिए आस्था और शुद्धता का प्रतीक बन चुकी है।
पहले काशी में कैसी स्थितियां थीं, यह किसी से छिपा नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी में 2014 से पहले की परिस्थितियां किसी से छिपी नहीं थीं। उन्होंने बताया कि देश की संसद में काशी का प्रतिनिधित्व स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं। प्रधानमंत्री ने शुरू से यह स्पष्ट दृष्टि रखी कि काशी की पुरातन काया का संरक्षण करते हुए उसे नए स्वरूप में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इसी सोच के अनुरूप काशी के लिए व्यापक योजनाएं तैयार की गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी में अब तक लगभग 55 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से करीब 36 हजार करोड़ रुपये के कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि शेष परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है।
उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काशी में नए संस्थान स्थापित हुए हैं। साथ ही स्थानीय उद्यमियों के उत्पादों को जी टैग के माध्यम से पहचान दिलाने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि 2014 से पहले काशी की स्थिति कैसी थी, यह किसी से छिपी नहीं थी, लेकिन बीते वर्षों में हुए विकास कार्यों ने शहर को एक नई दिशा और पहचान दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी को बदनाम करने की साजिश की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग विकास के मार्ग में बाधा बन रहे हैं और पिछले 11 वर्षों में हुए कार्यों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कारण उन्हें स्वयं काशी आना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी अविनाशी है और काशी के प्रति हर भारतीय के मन में गहरी श्रद्धा है। हालांकि स्वतंत्र भारत में काशी के जिस समग्र विकास की आवश्यकता थी, उसे पहले वह महत्व नहीं मिल सका, जैसा मिलना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में काशी ने एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण किया है और विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। आज काशी को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिली है, जो इसके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को और मजबूत करती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काशी पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले काल भैरव मंदिर में दर्शन कर आरती उतारी और विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाबा विश्वनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ को पुष्प अर्पित किए और माला चढ़ाई। मुख्यमंत्री ने वैदिक विधि विधान के साथ पूजन संपन्न किया।
#WATCH | वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। pic.twitter.com/f0BMG3jRLT
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 17, 2026
ACP गौरव कुमार ने तैनात पुलिस बल को किया ब्रीफ
एसीपी गौरव कुमार ने पुलिस बल को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति जबरन आगे बढ़ने या धरना देने का प्रयास करता है, तो उसे तत्काल रोका जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि किसी भी व्यक्ति को परिसर के अंदर प्रवेश की अनुमति न दी जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर पुलिस लाइन में उतरा, जहां जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों ने उनका स्वागत किया। आगमन के बाद मुख्यमंत्री सीधे काशी के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शन पूजन के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सबसे पहले काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे, जहां वे बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन करेंगे। इसके पश्चात वे काल भैरव मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना करेंगे। इन धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से मुख्यमंत्री प्रदेश की सुख समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना करेंगे। प्रशासन के अनुसार दर्शन पूजन को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की गई हैं।
धार्मिक कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री मणिकर्णिका घाट पहुंचेंगे, जहां वे मौके पर चल रहे विकास और पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान घाट की स्वच्छता व्यवस्था, शवदाह से जुड़ी सुविधाएं, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के लिए की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी।
इसी क्रम में मणिकर्णिका घाट पर रानी अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी एक कलाकृति को तोड़े जाने के आरोपों के बाद उत्पन्न हुए विवाद पर भी मुख्यमंत्री की नजर रहेगी। इस विषय को लेकर बीते दिनों से संत समाज और स्थानीय लोगों के बीच असंतोष देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की धार्मिक या सांस्कृतिक भावना को आहत नहीं होने दिया जाएगा।
इसी मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शाम संत समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में संतों द्वारा उठाए गए अधिकारों, सुझावों और मांगों पर विस्तार से चर्चा होगी। इस बैठक में जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री घाट क्षेत्र का पुनः निरीक्षण कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को देखते हुए मणिकर्णिका घाट पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। घाट परिसर में रेड कार्पेट बिछाई जा रही है और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। एडीएम शंभू शरण सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र भी व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए स्थल पर पहुंच चुके हैं।
जिला प्रशासन और भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मंदिर को क्षति नहीं पहुंचाई गई है। उनके अनुसार दीवार पर स्थापित एक कलाकृति को सुरक्षा और संरक्षण के उद्देश्य से हटाया गया है। घाट निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद उसी कलाकृति को सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सभी विकास कार्य नियमों तथा आस्था के अनुरूप ही संपन्न किए जाएंगे।
