कानपुर में सूखे नशे पर कार्रवाई के बीच चार पुलिसकर्मी निलंबित, तस्करों से संपर्क के मिले प्रमाण
कानपुर में तेजी से फैल रहे सूखे नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई न होने के बीच पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई हुई है। गोपनीय जांच में मादक पदार्थ तस्करों से संपर्क के प्रमाण मिलने पर एक दारोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने यह कार्रवाई की है।
शहर के कई इलाकों में फैल रहा सूखा नशा
सूत्रों के अनुसार साकेत नगर का कंजड़नपुरवा, काकादेव, डबल पुलिया, अंबेडकर नगर, शास्त्री नगर और अन्य मलिन बस्तियों में गांजा और चरस खुलेआम बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि युवाओं और छात्रों को नशे की लत लगाकर उनसे भी सूखा नशा बिकवाया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने उठाया था मुद्दा
26 फरवरी को जिला समन्वय समिति की बैठक में सूखे नशे का मुद्दा प्रमुखता से उठा। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने की थी। सांसद रमेश अवस्थी और जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने आरोप लगाया था कि पुलिस की शह पर शहर में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। विधायक नीलिमा कटियार ने भी अपने क्षेत्र में महिलाओं के जरिए नशा बिकवाने की बात कही थी।
एडीसीपी एसओजी को सौंपी गई गोपनीय जांच
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे थे। इस पर एडीसीपी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप सुमित सुधाकर रामटेके को गोपनीय जांच सौंपी गई।
जांच में सामने आया कि कुछ पुलिसकर्मियों का मादक पदार्थ तस्करों से सीधा संपर्क था। उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाई गई, जिसमें संदिग्ध बातचीत के प्रमाण मिले।
इन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
जांच के आधार पर पनकी मंदिर चौकी के दारोगा श्रवण कुमार, काकादेव थाने के हेड कांस्टेबल रंजीत कुमार, पुलिस लाइन के हेड कांस्टेबल कमलाकांत तथा सचेंडी थाने के हेड कांस्टेबल जितेंद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
विभागीय जांच शुरू
चारों के खिलाफ विभागीय जांच एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा को सौंपी गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह विभाग के भीतर ही क्यों न हो।
शहर में सूखे नशे के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष रणनीति पर काम किया जा रहा है।
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