श्रावस्ती में गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त दाखिला, RTE के तहत 25% सीटें आरक्षित
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जनपद में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब ऐसे बच्चों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में मुफ्त प्रवेश और पठन-पाठन की सुविधा मिलेगी। जिला प्रशासन ने इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को इसका लाभ मिल सके।
एक लाख से कम आय वाले परिवार कर सकते हैं आवेदन
जिलाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है, वे अपने बच्चों का आवेदन इस योजना के तहत करा सकते हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सभी निजी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के लिए 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित समूहों के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं।
इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के हर वर्ग के बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके। इसके तहत चयनित बच्चों की फीस और अन्य शैक्षिक खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
इन बच्चों को मिलेगा प्राथमिकता का लाभ
प्रशासन के अनुसार, इस योजना में कुछ विशेष श्रेणियों के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें एचआईवी या कैंसर से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, अनाथ बच्चे चाहे वे बाल गृह में रह रहे हों, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले अंत्योदय कार्डधारक परिवारों के बच्चे शामिल हैं।
इसके अलावा दिव्यांगता पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन प्राप्त करने वाले परिवारों के बच्चे भी इस योजना के अंतर्गत पात्र माने जाएंगे। इससे समाज के सबसे कमजोर वर्गों के बच्चों को शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
प्रवेश के लिए निर्धारित आयु सीमा
प्रवेश के लिए आयु सीमा भी निर्धारित की गई है। नर्सरी में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु तीन से चार वर्ष के बीच होनी चाहिए। एलकेजी के लिए चार से पांच वर्ष और यूकेजी के लिए पांच से छह वर्ष आयु तय की गई है। वहीं कक्षा एक में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु छह से सात वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है।
कैसे करें आवेदन
इच्छुक अभिभावक अपने क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे समय रहते आवेदन करें और आवश्यक दस्तावेजों को सही तरीके से प्रस्तुत करें।
शिक्षा के अधिकार को मजबूत करने की पहल
यह योजना शिक्षा के अधिकार अधिनियम को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी, बल्कि समाज में समानता और अवसरों की बराबरी को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। इस पहल से श्रावस्ती में शिक्षा के स्तर में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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