कानपुर में ईद पर अपहरण की अफवाह से हड़कंप, जांच में दोनों मामले निकले फर्जी
कानपुर में ईद के दिन नौबस्ता और बर्रा थाना क्षेत्रों में बच्चों के अपहरण की सूचना से हड़कंप मच गया। अचानक मिली इन सूचनाओं से पुलिस भी सक्रिय हो गई और तत्काल जांच शुरू कर दी। हालांकि जांच के बाद दोनों ही मामले झूठे पाए गए, जिससे पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
नौबस्ता में युवती बच्ची को लेकर जा रही थी
नौबस्ता थाना क्षेत्र के आवास विकास हंसपुरम ए सेक्टर में एक महिला ने सूचना दी कि उसकी 10 वर्षीय बच्ची को एक युवती अगवा कर ले जा रही थी, जिसे स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवती से पूछताछ की। युवती ने बताया कि वह अपने प्रेमी से मिलने आई थी और पड़ोसियों को शक न हो, इसलिए वह पास में खेल रही बच्ची को साथ लेकर प्रेमी के घर जा रही थी।
पुलिस ने जब युवती के प्रेमी को बुलाकर पूछताछ की, तो उसने भी युवती की बात की पुष्टि की। इसके बाद अपहरण की आशंका पूरी तरह गलत साबित हुई।
बर्रा में मंदिर गए बच्चों को समझा अपहरण
वहीं बर्रा थाना क्षेत्र में भी तीन बच्चों के अपहरण की सूचना से अफरा-तफरी मच गई। कर्रही पेट्रोल लाइन निवासी एक महिला ने पुलिस को बताया कि उसका बच्चा गायब है और उसने सड़क पर एक कार में किसी युवक को बच्चे को ले जाते हुए देखा था।
पुलिस ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान तीनों बच्चे सुरक्षित हालत में खेलते हुए मिल गए। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे दामोदर नगर स्थित वैष्णो देवी मंदिर दर्शन के लिए गए थे।
दरअसल, महिला को दूर से लाल रंग की शर्ट पहने बच्चे को देखकर भ्रम हुआ और उसने अपहरण की आशंका जताई थी।
पुलिस ने ली राहत की सांस
दोनों ही मामलों में अपहरण की सूचना गलत साबित होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के समय इस तरह की अफवाहें माहौल को बिगाड़ सकती हैं।
अफवाहों से बचने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सूचना को बिना पुष्टि के फैलाने से बचें और पहले तथ्यों की जांच करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते सही कार्रवाई की जा सके।
यह घटना बताती है कि अफवाहें कितनी तेजी से फैल सकती हैं और कैसे अनावश्यक डर और भ्रम का कारण बनती हैं।
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