वाराणसी: छात्र पर लाठीचार्ज के आरोप में रामनगर थाना प्रभारी लाइन हाजिर, नए प्रभारी की तैनाती
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी में यूपी कॉलेज के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के बाद उपजे आक्रोश के बीच गिलट बाजार चौराहे पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई की गई है। रामनगर थाना प्रभारी दुर्गा सिंह को हटाकर लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनकी जगह राजकिशोर पांडेय को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज का आरोप
बीते 20 मार्च को छात्र सूर्य प्रताप सिंह का शव घर ले जाते समय कुछ छात्र गिलट बाजार चौराहे पर प्रदर्शन करने लगे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले से कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात थी।
आरोप है कि इस दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी दुर्गा सिंह ने छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार किया और लाठीचार्ज भी कराया, जिससे छात्रों में नाराजगी फैल गई।
छात्रों ने की कार्रवाई की मांग
घटना के विरोध में छात्रों ने अगले दिन धरना दिया और थाना प्रभारी को हटाने तथा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। नाराज छात्रों ने एडीसीपी वरुणा नीतू को कॉलेज परिसर में ज्ञापन भी सौंपा।
एडीसीपी और एडीएम सिटी ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कार्रवाई की मांग जारी रही।
प्रशासनिक आधार पर किया गया तबादला
डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने बताया कि थाना प्रभारी का स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर किया गया है। हालांकि इस फैसले को छात्रों के विरोध और आरोपों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
कालेज परिसर में पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
यूपी कॉलेज परिसर में बीते एक वर्ष में 11 शिकायतें संबंधित थाने तक पहुंचीं, लेकिन इनमें से केवल तीन मामलों में ही एफआईआर दर्ज की गई। स्थानीय लोगों और छात्रों का आरोप है कि यदि पहले की घटनाओं पर गंभीरता से कार्रवाई होती, तो हालिया हत्या की घटना रोकी जा सकती थी।
कॉलेज परिसर में लंबे समय से विवाद, मारपीट और बाहरी तत्वों की सक्रियता की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन न तो कॉलेज प्रशासन और न ही पुलिस द्वारा प्रभावी कदम उठाए गए।
एलआईयू रिपोर्ट में भी चिन्हित हुए छात्र
सूत्रों के अनुसार एलआईयू की रिपोर्ट में भी कुछ उपद्रवी छात्रों को चिन्हित किया गया है। इन पर निगरानी बढ़ा दी गई है और पूरे कॉलेज परिसर की गतिविधियों पर पुलिस की नजर बनी हुई है।
प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
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