गाजीपुर में शॉर्ट सर्किट से झोपड़ियों में लगी आग, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में शनिवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां विद्युत शॉर्ट सर्किट के कारण चार से पांच झोपड़ियों में भीषण आग लग गई। इस घटना में झोपड़ियों में रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया, जिससे प्रभावित परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के चौकियां मोड़ ओवरब्रिज के पास की बताई जा रही है।
सुबह साढ़े दस बजे लगी आग
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह लगभग साढ़े दस बजे अचानक विद्युत शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके चलते पास में बनी झोपड़ियों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने चार से पांच झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक झोपड़ियों में रखा सारा सामान जलकर खाक हो चुका था।
आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम
घटना के बाद प्रभावित लोगों और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया। मुआवजे की मांग को लेकर लोगों ने प्रकाशनगर बुजुर्गा मार्ग को जाम कर दिया। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कुछ लोगों ने वाहनों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ युवक सड़क पर लेटकर प्रदर्शन करने लगे। इससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
पुलिस की देरी से पहुंचने पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि करीब एक घंटे तक कोई भी पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस देरी को लेकर लोगों में नाराजगी और बढ़ गई और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
स्थानीय लोगों ने संभाली स्थिति
बढ़ते तनाव के बीच स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने पहल करते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद लोगों को शांत कराया गया और करीब साढ़े ग्यारह बजे जाम समाप्त कराया गया। इसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
प्रभावित परिवारों में भय और चिंता
आग की इस घटना के बाद प्रभावित परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। उनका कहना है कि अचानक लगी आग ने उनकी पूरी जमा-पूंजी को नष्ट कर दिया है। अब उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
मुआवजे और जांच की मांग
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन सक्रिय हो जाता, तो नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सकता था।
भविष्य में रोकथाम की आवश्यकता
इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन को विद्युत व्यवस्था की नियमित जांच करनी चाहिए और झोपड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
गाजीपुर की इस घटना ने न केवल प्रभावित परिवारों को गहरा नुकसान पहुंचाया है, बल्कि पूरे इलाके में असुरक्षा और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर चिंता भी बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और राहत उपायों पर टिकी हुई है।
LATEST NEWS