वाराणसी: शिवपुर के अपार्टमेंट से कूदकर महिला ने दी जान, डिप्रेशन से जूझ रही थीं सीमा सिन्हा
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में स्थित सेंट्रल जेल मार्ग पर रविवार की भोर एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां अवध अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल से कूदकर एक महिला ने आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान 50 वर्षीय सीमा सिन्हा के रूप में हुई है, जो लंबे समय से मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) से जूझ रही थीं। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
सुबह चार बजे हुई घटना, मौके पर पहुंची पुलिस
जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार सुबह लगभग 4:00 बजे की है। सीमा सिन्हा अचानक अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल से नीचे कूद गईं। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें गंभीर हालत में देखा गया। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद शिवपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। आसपास के लोगों और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।
कई वर्षों से चल रहा था इलाज
परिजनों के अनुसार, सीमा सिन्हा पिछले कई वर्षों से डिप्रेशन की समस्या से पीड़ित थीं और उनका इलाज भी चल रहा था। उनके पति पंकज कुमार, जो सुल्तानपुर में बंदोबस्त अधिकारी के पद पर तैनात हैं, ने बताया कि सीमा को समय-समय पर चिकित्सकीय सहायता दी जाती थी, लेकिन उनकी मानसिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था।
परिवार और समाज के लिए बड़ा झटका
इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले को झकझोर कर रख दिया है। पड़ोसियों के अनुसार, सीमा शांत स्वभाव की महिला थीं और आमतौर पर अपने घर तक ही सीमित रहती थीं। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेंगी।
मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ी चिंता
यह घटना एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य की गंभीरता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिप्रेशन जैसी समस्याएं अक्सर बाहरी तौर पर दिखाई नहीं देतीं, लेकिन भीतर से व्यक्ति को गहराई से प्रभावित करती हैं। ऐसे में समय पर पहचान, परामर्श और सहयोग बेहद जरूरी हो जाता है।
पुलिस जांच जारी
शिवपुर पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो उसके अनुसार विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है।
यह घटना समाज के लिए एक गंभीर संकेत है कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। जरूरत है कि परिवार और समाज दोनों मिलकर ऐसे लोगों की पहचान करें और समय रहते उन्हें सहयोग व उपचार उपलब्ध कराएं, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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