वाराणसी में बोले सीएम मोहन यादव: भारत चौथी अर्थव्यवस्था, जल्द बनेगा तीसरी
वाराणसी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन के दौरान देश की आर्थिक प्रगति और विकास मॉडल को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा।
‘लाल सलाम’ पर विपक्ष पर साधा निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ‘लाल सलाम’ की विचारधारा को आगे बढ़ाया, आज वही विचारधारा समाप्ति की ओर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नेतृत्व में देश ने नक्सलवाद जैसी समस्याओं पर निर्णायक प्रहार किया है और अब देश इस विचारधारा को “अंतिम सलाम” दे रहा है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्य प्रदेश स्वयं नक्सलवाद की पीड़ा झेल चुका है, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
अर्थव्यवस्था और विकास पर जोर
सीएम मोहन यादव ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति अब केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से निवेश, निर्यात और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश इस समय करीब 70 हजार करोड़ रुपये का निर्यात कर रहा है और राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है।
केन-बेतवा परियोजना का जिक्र
सीएम ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सहयोग की मिसाल देते हुए केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले राज्यों के बीच जल बंटवारे को लेकर विवाद होते थे, लेकिन अब सहयोग और समन्वय के जरिए समाधान निकाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है, जिसमें लगभग 90 प्रतिशत योगदान केंद्र का है, जबकि शेष दोनों राज्यों का है।
धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी रेखांकित किया। उन्होंने भगवान राम के वनवास, चित्रकूट प्रवास और अयोध्या में राज्याभिषेक का उल्लेख करते हुए दोनों राज्यों के गहरे रिश्तों को बताया।
उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम और उज्जैन महाकाल कॉरिडोर के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में दोनों राज्यों के बीच सहयोग नई संभावनाएं खोल रहा है।
निवेश के लिए दिया खुला आमंत्रण
सीएम मोहन यादव ने सम्मेलन में उपस्थित उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेज, होटल और अन्य उद्योगों के लिए विशेष सुविधाएं दे रही है।
उन्होंने प्रस्ताव दिया कि यदि कोई निवेशक 300 बेड का मेडिकल कॉलेज खोलना चाहता है, तो उसे एक रुपये में 30 एकड़ जमीन दी जाएगी। साथ ही, मेडिकल शिक्षा के लिए छात्रों को लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, बशर्ते डॉक्टर बनने के बाद उन्हें कुछ वर्षों तक राज्य में सेवा देनी होगी।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी पहल
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े निवेश की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुरैना में 2000 मेगावाट की सोलर परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है, जिससे दोनों राज्यों के किसानों को लाभ मिलेगा और ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
एमओयू के जरिए बढ़ेगा सहयोग
सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए गए। इसमें जीआई टैग, ओडीओपी उत्पाद, निवेश, पर्यटन और भीड़ प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान और नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने भी प्रदेश की विकास योजनाओं और ओडीओपी पहल की जानकारी साझा की।
विकास की नई दिशा का संकेत
मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह दौरा और बयान न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दोनों राज्यों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने का संकेत भी देता है।
उन्होंने अंत में कहा कि यदि इसी गति से विकास कार्य जारी रहे, तो भारत जल्द ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा और विश्व पटल पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।
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