सीमापुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 7 साल बाद पैरोल जंपर गिरफ्तार
दिल्ली के सीमापुरी थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए उम्रकैद की सजा काट रहे पैरोल जंपर विजय कुमार को सात साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को उत्तराखंड के काशीपुर से दबोचा गया, जहां वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
क्या था पूरा मामला
शाहदरा जिले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के अनुसार, 18 जून 2012 को सीमापुरी थाने में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता अक्षय कुमार ने आरोप लगाया था कि उसके पिता विजय कुमार ने पारिवारिक विवाद के चलते उसकी मां मिथलेश पर उस समय लोहे के तवे से कई वार किए, जब वह सो रही थीं।
इस हमले में महिला के सिर पर गंभीर चोटें आईं और कई फ्रैक्चर हुए। लंबे इलाज और सर्जरी के बावजूद वह वर्षों तक कोमा में रहीं। मामले की सुनवाई के बाद वर्ष 2016 में सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
पैरोल पर बाहर आकर हुआ फरार
वर्ष 2019 में विजय कुमार पैरोल पर जेल से बाहर आया, लेकिन निर्धारित समय पर वापस नहीं लौटा और फरार हो गया। इसके बाद 19 अप्रैल 2022 को दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे घोषित अपराधी करार दे दिया।
पुलिस की रणनीति और गिरफ्तारी
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सीमापुरी थाना पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार प्रयास किए। पुलिस ने कई बार हिमाचल प्रदेश में भी दबिश दी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी उत्तराखंड के काशीपुर में छिपकर रह रहा है। इसके बाद टीम ने वहां छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
फरारी के दौरान बदल ली थी पहचान
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 2019 में पैरोल से फरार होने के बाद उसने अपने परिवार से संपर्क पूरी तरह तोड़ लिया था। वह पहले मुरादाबाद में किराये पर रहने लगा और जीविका चलाने के लिए शेयर ब्रोकर का काम करने लगा।
बाद में उसने दूसरी शादी कर ली और पिछले चार साल से काशीपुर में रह रहा था ताकि पुलिस से बच सके।
निष्कर्ष
यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस की सतत निगरानी, तकनीकी सर्विलांस और खुफिया तंत्र की मजबूती का परिणाम है। सात वर्षों से फरार घोषित अपराधी को पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
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