दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा, 3 राज्यों से 4 संदिग्ध गिरफ्तार, IED हमले की साजिश नाकाम
देश की राजधानी में एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तीन अलग-अलग राज्यों से चार संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी एक संगठित मॉड्यूल के तहत IED हमले की योजना बना रहे थे। इस कार्रवाई को एक बड़े खुफिया ऑपरेशन का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें केंद्रीय एजेंसियों के इनपुट भी शामिल थे।
गजवा-ए-हिंद के नाम पर साजिश रचने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए युवक कथित तौर पर गजवा-ए-हिंद की विचारधारा से प्रभावित थे और इसी के तहत देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, इनका उद्देश्य IED के जरिए बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाना था, जिससे दहशत फैल सके।
स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो यह साजिश गंभीर रूप ले सकती थी। फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर सक्रिय था मॉड्यूल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय थे, जहां उन्होंने क्लोज्ड ग्रुप बना रखे थे। इन ग्रुप्स में कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी सामग्री साझा की जाती थी, जिसमें जिहाद, खिलाफत और गजवा-ए-हिंद जैसे विषयों पर चर्चा होती थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि इन ग्रुप्स के जरिए नए लोगों को जोड़ने और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। कुछ आरोपी इन ग्रुप्स के एडमिन भी थे, जिससे उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपियों में एक की पहचान मोसाइब अहमद उर्फ सोनू उर्फ कलाम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है और महाराष्ट्र के ठाणे में काम करता था। पुलिस के अनुसार, उसने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त था।
अन्य आरोपियों की पहचान और उनके नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इनका संपर्क किन-किन लोगों से था और क्या यह किसी बड़े आतंकी संगठन से जुड़े हुए थे।
देशभर में फैले नेटवर्क की जांच जारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह केवल चार लोगों का मामला नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। इसी कारण विभिन्न राज्यों में छापेमारी और जांच अभियान तेज कर दिया गया है।
खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर यह पता लगाया जा रहा है कि क्या अन्य लोग भी इस मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं। साथ ही, डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है ताकि साजिश के हर पहलू को समझा जा सके।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
आतंकी साजिश नाकाम, बड़ी घटना टली
समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित बड़ी आतंकी घटना टल गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता ने एक बार फिर साबित किया है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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