वाराणसी एमपी एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी प्रकरण की सुनवाई टली, 6 मई अगली तारीख तय
वाराणसी: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े एक चर्चित प्रकरण में सोमवार को अपर जिला जज एमपी एमएलए कोर्ट संख्या पंचम में सुनवाई हुई, लेकिन कार्यवाही के दौरान उनकी ओर से कोई अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। इसके चलते न्यायालय ने मामले की सुनवाई को आगे बढ़ाते हुए अगली तारीख 6 मई 2026 निर्धारित कर दी। अब इस तिथि पर दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत दलीलें रखे जाने की संभावना जताई जा रही है।
विशेष न्यायाधीश की अदालत में चल रही है सुनवाई
इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए यजुर्वेद विक्रम सिंह की अदालत में हो रही है। इससे पहले अदालत ने राहुल गांधी को 13 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए तलब किया था और समन भी जारी किया गया था। अदालत के इस निर्देश के बावजूद उनकी ओर से न तो उपस्थिति दर्ज कराई गई और न ही कोई विधिक प्रतिनिधि पेश हुआ, जिसके कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
अदालत ने यह संकेत भी दिए हैं कि यदि अगली निर्धारित तिथि पर भी अनुपस्थिति बनी रहती है, तो विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसको देखते हुए आगामी सुनवाई को लेकर मामला और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
बयान को लेकर दायर की गई है याचिका
मामले की पृष्ठभूमि राहुल गांधी के उस कथित बयान से जुड़ी है, जो उन्होंने अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में एक संवाद कार्यक्रम के दौरान दिया था। आरोप है कि उन्होंने भगवान श्रीराम को पौराणिक बताते हुए उस युग से जुड़ी कथाओं को काल्पनिक कहा था, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने का दावा किया गया है। इसी आधार पर अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने अदालत में याचिका दाखिल की है।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में यह भी कहा गया कि इस बयान से देश की आस्था और सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने अपने तर्क में यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस और उसके कुछ नेता समय समय पर सनातन धर्म और उससे जुड़े प्रतीकों पर विवादित टिप्पणियां करते रहे हैं। उन्होंने अदालत से इस मामले में विधिक कार्रवाई की मांग की है।
मेंटेनिबिलिटी पर पहले होगी बहस
अदालत में फिलहाल इस याचिका की वैधता और मेंटेनिबिलिटी को लेकर बहस होना बाकी है। न्यायालय पहले यह तय करेगा कि मामला सुनवाई योग्य है या नहीं। इसके बाद ही यह निर्णय लिया जाएगा कि इस प्रकरण में आगे मुकदमा चलाया जाना चाहिए या नहीं।
गौरतलब है कि इससे पहले यह मामला निचली अदालत में भी विचाराधीन रहा था, जहां 12 मई 2025 को परिवाद को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने 26 सितंबर को जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की, जिस पर वर्तमान में सुनवाई जारी है।
राहुल गांधी के बयान भी रहे चर्चा में
इस पूरे प्रकरण के बीच राहुल गांधी का एक बयान भी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने भारतीय राजनीति और धर्मनिरपेक्षता को लेकर अपने विचार रखे थे। उन्होंने कहा था कि भारत के महान विचारकों जैसे बुद्ध, गुरु नानक, गांधी और अंबेडकर ने हमेशा सहिष्णुता और करुणा का मार्ग दिखाया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि भारतीय जनता पार्टी का दृष्टिकोण हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि समाज में विभाजन को बढ़ावा देता है।
6 मई की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस मामले में अगली सुनवाई 6 मई को होगी, जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हैं। यह स्पष्ट होने की संभावना है कि अदालत इस प्रकरण को किस दिशा में आगे बढ़ाती है और क्या राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा या उनके प्रतिनिधि के माध्यम से कार्यवाही आगे बढ़ेगी। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है और आगामी तारीख इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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