प्रयागराज के पचदेवरा में दर्दनाक रेल हादसा पांच की मौत लापरवाही और असुरक्षित सफर पर गंभीर सवाल
प्रयागराज: करछना क्षेत्र स्थित पचदेवरा गांव के पास बुधवार शाम हुआ भीषण रेल हादसा एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। शाम करीब 6 बजकर 47 मिनट पर ओवरब्रिज के नीचे रेलवे ट्रैक पर पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आने से पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे का मंजर इतना भयावह था कि करीब पचास मीटर तक ट्रैक के आसपास खून फैल गया और शवों के टुकड़े बिखर गए। इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोग सिहर उठे।
पहले से खड़ी ट्रेन और अचानक बढ़ी अफरातफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटनास्थल पर पहले से ही एक ट्रेन खड़ी थी जिसे बाद में नेताजी एक्सप्रेस के रूप में पहचाना गया। इसी दौरान ट्रैक पर पहले से पड़े एक शव को देखने के लिए कुछ यात्री नीचे उतर गए। यात्रियों ने बताया कि दूसरे ट्रैक पर आ रही ट्रेन लगातार हॉर्न दे रही थी और कई लोगों ने चिल्लाकर सावधान भी किया लेकिन अफरातफरी और जल्दबाजी के बीच कुछ लोग समय रहते ट्रैक से हट नहीं सके।
ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा पुलिस को दी सूचना
गांव के निवासी संतोष कुमार विमलेश यादव और गिरधारी मिश्र ने बताया कि जैसे ही हादसे की खबर फैली आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ट्रैक पर बिखरे शवों के टुकड़े देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और रेलवे प्रशासन को सूचना दी। थोड़ी ही देर में जीआरपी और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से ट्रैक पर दूर दूर तक बिखरे शवों के अवशेषों को एकत्र किया।
चेन पुलिंग के बाद रुकी ट्रेन बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं वे और भी चिंताजनक हैं। जानकारी के अनुसार पचदेवरा हॉल्ट के पास एक यात्री के ट्रेन से गिरने की सूचना पर किसी ने चेन पुलिंग कर दी थी जिससे ट्रेन रुक गई। ट्रेन रुकते ही कई यात्री नीचे उतर गए। कुछ लोग किनारे चले गए जबकि कुछ ट्रैक पर ही खड़े होकर स्थिति देखने लगे। इसी बीच विपरीत दिशा से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने हॉर्न दिया। जैसे ही ट्रेन के चलने का संकेत मिला यात्री जल्दबाजी में वापस डिब्बों की ओर दौड़े लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
एक ही परिवार के चार लोगों समेत पांच की मौत
इस हादसे में जिन पांच लोगों की मौत हुई उनमें फिरोजाबाद जिले के खैरगढ़ थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर गांव के एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। मृतकों में आकाश सत्रह वर्ष पुत्र गिरिराज बलराम तेईस वर्ष पुत्र मुन्ना पासी उनकी भाभी और एक अन्य परिजन शामिल हैं। आकाश अपने रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता जा रहा था लेकिन यह खुशी का सफर मातम में बदल गया। इसके अलावा मिर्जापुर जिले के नीबी विशुंदरपुर निवासी सुनील कुमार बीस वर्ष की भी इस हादसे में जान चली गई। वहीं मिर्जापुर के ही नकहरा निवासी प्रिंस गौतम इस घटना में बाल बाल बच गए।
परिजनों में मचा कोहराम गांव में पसरा मातम
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है। शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बार बार सामने आ रही हैं लेकिन सुरक्षा को लेकर जागरूकता और सख्ती दोनों की कमी साफ दिखाई देती है।
जीआरपी ने शुरू की जांच प्रशासन ने दिया आश्वासन
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ट्रैक पर पहले से पड़े शव को देखने के लिए यात्रियों का नीचे उतरना इस हादसे की मुख्य वजह बना। उसी दौरान दूसरी दिशा से तेज रफ्तार ट्रेन के आने से यह दुर्घटना हुई। मामले की विस्तृत जांच जारी है और मृतकों की शिनाख्त तथा अन्य तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। रेलवे प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
सुरक्षा और जागरूकता पर उठे गंभीर सवाल
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या रेलवे सुरक्षा के मौजूदा इंतजाम पर्याप्त हैं और क्या यात्रियों द्वारा नियमों का पालन किया जा रहा है। यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि असावधानी और अव्यवस्था का ऐसा उदाहरण है जिसने पांच जिंदगियों को खत्म कर दिया। जरूरत है कि सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाए और यात्रियों को भी जागरूक किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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