वाराणसी: समीर हत्याकांड में फरार 50 हजार का इनामी आरोपी संदीप यादव, घर पर मुनादी और नोटिस चस्पा
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी कमिश्नरेट के गोमती जोन अंतर्गत थाना बड़ागांव पुलिस ने समीर हत्याकांड के फरार और 50,000 रुपये के इनामी अभियुक्त के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आरोपी के घर पहुंचकर मुनादी कराई और नोटिस चस्पा किया। यह कार्रवाई आरोपी पर कानूनी दबाव बढ़ाने और जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
इनामी आरोपी के घर पर मुनादी, न्यायालय के आदेश का पालन
दिनांक 18 अप्रैल 2026 को थाना बड़ागांव पुलिस टीम ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में फरार चल रहे अभियुक्त संदीप यादव के घर ग्राम उगापुर, थाना चौबेपुर में मुनादी कराई। साथ ही नोटिस चस्पा करते हुए उसे निर्धारित समय में न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने की चेतावनी दी गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत की गई है, जिससे फरार अभियुक्त पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
क्या है पूरा मामला: गोलीकांड में मासूम की मौत
समीर हत्याकांड की घटना 25 दिसंबर 2025 की है, जब थाना बड़ागांव क्षेत्र के दयालपुर गांव के पास विवाद के दौरान गोलीबारी हुई थी। इस दौरान रामू यादव नामक व्यक्ति को गोली मारकर घायल कर दिया गया, जबकि समीर सिंह नामक बालक की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी।
इस सनसनीखेज घटना के बाद थाना बड़ागांव में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें कुल 8 अभियुक्तों की संलिप्तता सामने आई थी।
इन धाराओं में दर्ज है मुकदमा
अभियुक्त संदीप यादव के खिलाफ मु0अ0सं0 525/2025 के तहत निम्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत है:
धारा 191(3) बीएनएस (हत्या),
धारा 115(2) बीएनएस (गंभीर चोट पहुंचाना),
धारा 352 बीएनएस (आपराधिक बल का प्रयोग),
धारा 109(1) बीएनएस (उकसाना),
धारा 103(1) बीएनएस (गंभीर अपराध की श्रेणी),
धारा 190 बीएनएस (साझा आपराधिक कृत्य)।
17 आपराधिक मुकदमों का आरोपी, पुलिस की गिरफ्त से बाहर
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी संदीप यादव के खिलाफ कुल 17 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि गंभीर मानी जा रही है। पुलिस की लगातार दबिश और छापेमारी के बावजूद वह अभी तक गिरफ्त से बाहर है।
अन्य आरोपियों पर पहले ही हो चुकी है कार्रवाई
इस मामले में पुलिस पहले ही कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है:
09 जनवरी 2026 को करन प्रजापति, प्रेमशंकर पटेल और शुभम मौर्य उर्फ लालू मौर्य को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
23 जनवरी 2026 को आकाश पाल ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।
27 जनवरी 2026 को पवन पाल ने भी सरेंडर किया।
26 मार्च 2026 को मनीष यादव उर्फ महादेव को मुंबई से गिरफ्तार किया गया।
01 अप्रैल 2026 को दीपक यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को पुलिस पहले ही बरामद कर चुकी है।
NBW और कुर्की की कार्रवाई भी जारी
अभियुक्त संदीप यादव के खिलाफ न्यायालय द्वारा 21 फरवरी 2026 को गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया जा चुका है। इसके अलावा धारा 84 बीएनएसएस के तहत कुर्की की कार्रवाई के आदेश भी पारित किए जा चुके हैं।
पुलिस का दावा: जल्द होगी गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी के साथ-साथ तकनीकी सर्विलांस का भी सहारा लिया जा रहा है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
समीर हत्याकांड में पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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