मेरठ: जेब खर्च बंद होने पर लूट की राह पर उतरे तीन युवक गिरफ्तार, बाइक और मोबाइल बरामद
मेरठ पुलिस ने लगातार हो रही लूट की घटनाओं का खुलासा करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि घर से जेब खर्च बंद होने के बाद इन युवकों ने अपने शौक पूरे करने के लिए अपराध का रास्ता चुना और राहगीरों को निशाना बनाकर बाइक, मोबाइल और महिलाओं से चेन लूट की वारदातों को अंजाम दिया।
संयुक्त टीम की कार्रवाई में गिरफ्तारी
कंकरखेड़ा थाना पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से लूट की दो बाइक और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कंकरखेड़ा और सदर क्षेत्र में हुई तीन वारदातों का खुलासा किया है।
अजय तोमर से मारपीट कर लूटी थी बाइक
घटना की शुरुआत 16 अप्रैल से होती है, जब कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के कैंट एरिया में शांति रोड के पास दौराला शुगर मिल के कर्मचारी अजय तोमर पर बदमाशों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसके बाद उनसे बाइक, मोबाइल फोन और करीब 3500 रुपये लूट लिए गए।
इस मामले में योगीपुरम चौकी प्रभारी दिलीप बाथम ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।
महिला से मंगलसूत्र लूट की वारदात
इसके अगले ही दिन 17 अप्रैल की रात हाईवे स्थित श्याम विहार कॉलोनी गेट के पास नीलम नाम की महिला से बाइक सवार बदमाशों ने मंगलसूत्र लूट लिया। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वाट टीम को भी जांच में शामिल किया।
चेकिंग के दौरान दबोचे गए आरोपी
18 अप्रैल को पुलिस और स्वाट टीम रोहटा रोड स्थित फाजलपुर कट के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की बाइक के साथ तीन युवक रेलवे फ्लाईओवर के पास खड़े दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया तो वे भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया।
पूछताछ में कबूला तीन वारदातों का राज
सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने एक के बाद एक तीन घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की। इनमें कंकरखेड़ा क्षेत्र की बाइक लूट और मंगलसूत्र लूट की घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा 15 अप्रैल को सदर बाजार क्षेत्र से एक बाइक चोरी करने की बात भी सामने आई, जिसकी डिग्गी में रखे दो मोबाइल फोन आरोपियों ने आपस में बांट लिए थे।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो बाइक और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का किसी बड़े गिरोह से संबंध तो नहीं है और क्या उन्होंने अन्य घटनाओं को भी अंजाम दिया है।
निष्कर्ष: शौक पूरे करने के लिए अपराध का रास्ता
यह मामला दर्शाता है कि कैसे छोटी उम्र में गलत संगति और गलत फैसले युवाओं को अपराध की ओर धकेल सकते हैं। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है ताकि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
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