आजमगढ़ में जाली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, एक लाख से अधिक नकली नोटों के साथ नौ आरोपी गिरफ्तार
आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाली नोटों के कारोबार में संलिप्त एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक लाख रुपये से अधिक के जाली नोट बरामद किए हैं। इसके अलावा छापेमारी के दौरान जाली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, प्रिंटर, इंक तथा आंशिक रूप से छपे नोट भी बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई गुरुवार की रात टेकनपुर पुल के पास की गई।
पुलिस के अनुसार संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद रौनापार पुलिस ने टेकनपुर पुल के पास घेराबंदी कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से करीब एक लाख रुपये के जाली नोट बरामद हुए। पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए लाटघाट पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर में भी छापेमारी की।
घर से मिला जाली नोट छापने का पूरा सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस को एक व्यक्ति के घर से जाली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद हुए। इनमें प्रिंटर, इंक और जाली नोट बनाने से संबंधित अन्य सामग्री शामिल है। पुलिस को यहां से लगभग 28,400 रुपये के ऐसे नोट भी मिले हैं, जो एक तरफ से छपे हुए थे और अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुए थे।
पुलिस का मानना है कि गिरोह काफी समय से जाली नोट छापकर बाजार में चलाने की कोशिश कर रहा था। बरामद उपकरणों से यह भी संकेत मिला है कि आरोपी व्यवस्थित तरीके से नकली नोट तैयार कर रहे थे।
इन नौ लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने इस मामले में कुल नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश सिंह उर्फ सनी, अभिषेक सिंह उर्फ कान्हा, आदित्य सिंह उर्फ चंकी, शिवम सिंह उर्फ विदुर, मुन्ना पांडे, मनोज कुमार, रुद्र पांडेय और मुख्य सरगना मनीष मिश्रा उर्फ छोटू शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार इनमें से अधिकांश आरोपी ग्राम बरडीहा थाना रौनापार के निवासी हैं। वहीं मुन्ना पांडे गोरखपुर जिले के बड़हलगंज कस्बे का रहने वाला है। मनोज कुमार ग्राम गांगेपुर तथा रुद्र पांडेय ग्राम जगदीशपुर के निवासी बताए गए हैं।
मुख्य सरगना पर पुलिस की विशेष नजर
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का मुख्य सरगना मनीष मिश्रा उर्फ छोटू है। उसकी रिश्तेदारी जीयनपुर थाना क्षेत्र में बताई जा रही है, जहां से वह जाली नोट छापने और उन्हें विभिन्न स्थानों पर खपाने का काम करता था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है ताकि जाली नोटों के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
रौनापार पुलिस इससे पहले भी जाली नोटों के मामले में कार्रवाई कर चुकी है। चार फरवरी 2024 को पुलिस ने 72 हजार रुपये के जाली नोटों के साथ एक आरोपी सुबाष यादव को गिरफ्तार किया था। उस मामले में भी आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया था।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जाली नोटों का कारोबार आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नकली नोटों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। उम्मीद है कि जांच के दौरान जाली नोटों के इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की जानकारी सामने आएगी।
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