आज़मगढ़। अपराध से अर्जित संपत्तियों पर प्रभावी कार्रवाई की दिशा में जनपद पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना मुबारकपुर क्षेत्र में धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि से खरीदी गई लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की भूमि को न्यायालय के आदेश पर कुर्क कर लिया गया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार के निर्देश पर की गई, जिनके नेतृत्व में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है।
मामले की पृष्ठभूमि
प्रकरण की शुरुआत वादी मैनुद्दीन पुत्र स्वर्गीय अब्दुल गफ्फार की तहरीर से हुई। उनके आवेदन पर थाना मुबारकपुर में मुकदमा संख्या 324/25 धारा 406 और 506 भादवि के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अभियुक्तगण ने धोखाधड़ी करते हुए बड़ी धनराशि हड़प ली। विवेचना के दौरान तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर संपत्ति कुर्की के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में रिपोर्ट प्रेषित की गई थी।
अभियुक्तों द्वारा धन प्राप्ति और भूमि क्रय
जांच के अनुसार अभियुक्त अमान अहमद पुत्र शहवान तथा फरहाना बानो पत्नी अमान अहमद, निवासी ग्राम करमैनी, थाना बिलरियागंज, जनपद आज़मगढ़ ने वादी से कुल 36 लाख रुपये धोखाधड़ी के माध्यम से प्राप्त किए। इसमें 16 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए, जबकि शेष धनराशि नकद ली गई।
विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि इसी धनराशि से दिनांक 04 फरवरी 2022 को ग्राम चांदपट्टी, परगना एवं तहसील सगड़ी, थाना रौनापार, जनपद आज़मगढ़ में भूमि खरीदी गई। संबंधित भूमि के विवरण के अनुसार गाटा संख्या 595 रकबा 0.0568 हेक्टेयर, गाटा संख्या 593 रकबा 0.0692 हेक्टेयर, गाटा संख्या 637 रकबा 0.0020 हेक्टेयर तथा गाटा संख्या 660 रकबा 0.0081 हेक्टेयर कुल क्षेत्रफल 0.1361 हेक्टेयर फरहाना बानो के अंश में दर्ज है।
न्यायालय द्वारा परीक्षण और आदेश
थाना मुबारकपुर के उपनिरीक्षक धर्मराज यादव द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र के आधार पर न्यायालय ने मामले की सुनवाई की। पत्रावली में उपलब्ध बैनामा, बैंक अभिलेख, लेखपाल की रिपोर्ट और अभियोजन पक्ष के तर्कों का परीक्षण किया गया। परीक्षण के उपरांत न्यायालय ने पाया कि भूमि धोखाधड़ी से अर्जित धन से खरीदी गई है और अभियुक्त का उस पर वैध अधिकार स्थापित नहीं होता।
उपरोक्त कुल सम्पत्ति का मूल्य लगभग 50,000,00/- रुपये को अन्तर्गत धारा 107 बीएनएसएस के तहत 13 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आज़मगढ़ द्वारा कुर्की का आदेश पारित किया गया। आदेश के अनुपालन में जिला मजिस्ट्रेट आज़मगढ़ रविन्द्र कुमार द्वारा कुर्की की कार्यवाही के निर्देश जारी किए गए।
संयुक्त टीम की मौजूदगी में कुर्की
दिनांक 14 फरवरी 2026 को क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल, प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर शशिमौलि पाण्डेय, नायब तहसीलदार सगड़ी तथा राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम की उपस्थिति में संबंधित भूमि को नियमानुसार कुर्क कर लिया गया। मौके पर राजस्व अभिलेखों का मिलान कर विधिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया गया।
कुर्क की गई संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 50 लाख रुपये बताया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई अपराध से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध सख्त संदेश देने के उद्देश्य से की गई है।
अपराध के विरुद्ध सख्त रुख
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार ने स्पष्ट किया है कि जनपद में धोखाधड़ी, आर्थिक अपराध और अन्य आपराधिक कृत्यों से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अपराध के माध्यम से अर्जित धन और संपत्ति को कानून के तहत जब्त या कुर्क करने की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि आगे की जांच में अन्य संपत्तियों के संबंध में तथ्य सामने आते हैं तो उनके विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि आर्थिक अपराधों के मामलों में अब राजस्व और पुलिस विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।
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