डीडीयू रेलवे स्टेशन पर 1.75 करोड़ रुपये नकद बरामद, लखनऊ के दो युवक गिरफ्तार
पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की रात जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अकालतख्त एक्सप्रेस से 1 करोड़ 75 लाख रुपये नकद बरामद किए। सघन जांच अभियान के दौरान ए-1 कोच से बरामद इस भारी नकदी के मामले में लखनऊ निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इनमें से एक को हीरा कारोबारी बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच में जुटी है।
गोपनीय सूचना पर की गई चेकिंग
जीआरपी को सूचना मिली थी कि अकालतख्त एक्सप्रेस के ए-1 कोच में बर्थ संख्या 13 और 14 पर सवार कुछ यात्री संदिग्ध स्थिति में लखनऊ से हावड़ा जा रहे हैं। सूचना के आधार पर प्लेटफार्म संख्या दो पर खड़ी ट्रेन में विशेष जांच अभियान चलाया गया।
चेकिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात जवानों को दोनों युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ के बाद जब उनके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें 500-500 रुपये की गड्डियों में कुल 1.75 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। इतनी बड़ी रकम देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी भी हैरान रह गए।
नकदी के स्रोत पर नहीं दे सके संतोषजनक जवाब
बरामदगी के तुरंत बाद दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पूछताछ के दौरान वे इतनी बड़ी धनराशि के संबंध में कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इसकी सूचना आयकर विभाग को दे दी।
आयकर विभाग की टीम नकदी के स्रोत, लेनदेन और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह भी खंगाला जा रहा है कि रकम किसी अवैध गतिविधि या कर चोरी से जुड़ी है या नहीं।
लखनऊ से हावड़ा जा रहे थे आरोपी
जीआरपी क्षेत्राधिकारी कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि गिरफ्तार युवकों की पहचान रितेश और प्रिनेश के रूप में हुई है, जो लखनऊ के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार दोनों लखनऊ से हावड़ा जाने की तैयारी में थे। प्रारंभिक पूछताछ में वे नकदी के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
डीडीयू प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आयकर विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक प्रक्रिया तय की जाएगी।
स्टेशन पर बढ़ाई गई निगरानी
इस कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा और निगरानी और कड़ी कर दी गई है। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमें लगातार ट्रेनों में चेकिंग अभियान चला रही हैं, ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी नकदी को बिना वैध दस्तावेज के ले जाना संदेह के दायरे में आता है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि रकम का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना था। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आयकर विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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