शाहजहांपुर: प्रॉपर्टी डीलर सतीश गंगवार हत्याकांड का छह साल बाद खुलासा, पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार
शाहजहांपुर में वर्ष 2019 में हुए प्रॉपर्टी डीलर सतीश गंगवार हत्याकांड का पुलिस ने छह साल बाद सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में मृतक की पत्नी सुनीता गंगवार और उसके प्रेमी कपिल गंगवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों ने पूछताछ में हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
जहर देकर और गला दबाकर की थी हत्या
पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने सतीश गंगवार को पहले खाने में जहरीला पदार्थ मिलाकर दिया। जब वह बेसुध हो गए तो उन्हें बचने का मौका न मिले, इसके लिए गला दबाकर हत्या कर दी गई। यह घटना 21-22 मई 2019 की रात की बताई जा रही है।
अवैध संबंध बना हत्या की वजह
मूल रूप से समधाना गांव निवासी सतीश गंगवार तिलहर कस्बे में रहकर प्रॉपर्टी का कारोबार करते थे। जांच में सामने आया कि उनकी पत्नी सुनीता के अपने ननदोई कपिल गंगवार से अवैध संबंध थे। सतीश इस संबंध का विरोध करते थे, जिससे परेशान होकर दोनों ने उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा रिपोर्ट से खुला राज
घटना के समय सतीश की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। प्रारंभिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया था, जिसके बाद विसरा जांच के लिए भेजा गया। विसरा रिपोर्ट में शरीर में जहर की पुष्टि हुई और गला दबाने के संकेत भी मिले।
इसके आधार पर मृतक के पिता लेखराज ने 15 दिसंबर 2019 को कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी।
फरार होकर बदल ली थी पहचान
हत्या के बाद अगस्त 2020 में सुनीता अपनी बेटी को दवा दिलाने के बहाने घर से निकली और फिर वापस नहीं लौटी। उसी दिन कपिल भी फरार हो गया। दोनों नोएडा जाकर रहने लगे, जहां कपिल ने एक स्कूल में शिक्षक के रूप में काम करना शुरू कर दिया।
करीब दो वर्ष बाद दोनों हिमाचल प्रदेश के बद्दी क्षेत्र में रहने लगे, जहां भी कपिल शिक्षण कार्य करता रहा। इस दौरान दोनों ने अपनी पहचान छिपाकर जीवन बिताया।
शादी समारोह में पहुंचे तो पुलिस ने दबोचा
पुलिस के अनुसार, लंबे समय तक फरार रहने के बाद दोनों आरोपितों को लगा कि मामला शांत हो चुका है। इसी बीच वे हाल ही में तिलहर में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे, जिसकी सूचना पुलिस को मिल गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुराने मुकदमे में भी हुआ था विवाद
तिलहर थाना प्रभारी जुगुल किशोर ने बताया कि सुनीता के लापता होने के बाद उसके भाई प्रेमपाल ने लेखराज, कपिल, उसकी पत्नी अनीता और भाई हिमांशु पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि एक वर्ष की जांच के बाद वर्ष 2022 में यह आरोप झूठे पाए गए थे।
जेल भेजे गए आरोपी, आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो सके।
निष्कर्ष: लंबी जांच के बाद मिला न्याय
छह साल पुराने इस हत्याकांड का खुलासा पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह मामला दर्शाता है कि गंभीर अपराधों में समय लग सकता है, लेकिन कानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं होता।
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