जौनपुर में काली मिर्च सप्लाई के नाम पर 92 हजार की साइबर ठगी, साइबर थाना टीम ने वापस कराए रुपये
जौनपुर में जिला मुख्यालय मार्ग स्थित चौराहा क्षेत्र में किराना की दुकान संचालित करने वाले व्यापारी दिनेश गुप्त साइबर ठगी का शिकार हो गए। काली मिर्च की सप्लाई कराने के नाम पर फर्जी फर्म के माध्यम से उनसे 92 हजार रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर कराकर हड़प लिए गए। हालांकि समय रहते शिकायत दर्ज कराने पर साइबर थाना टीम की सक्रियता से पूरी धनराशि वापस करा दी गई, जिससे व्यापारी को बड़ी राहत मिली।
दिल्ली से आए फोन कॉल के जरिए रचा गया जाल
पीड़ित दिनेश गुप्त ने बताया कि वह नियमित रूप से केरल प्रांत से काली मिर्च मंगाते हैं और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से यमुना ट्रेड लिंक कंपनी नामक फर्म के खाते में भुगतान करते रहे हैं। इसी दौरान उनके पास दिल्ली से एक व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम नरेंद्र सिंह बताया और स्वयं को यमुना ट्रेड लिंक से जुड़ा प्रतिनिधि बताया। उसने कहा कि कंपनी का खाता बदल गया है और आगे का भुगतान नए खाते में किया जाए।
48 घंटे में माल पहुंचाने का दिया आश्वासन
फोन करने वाले व्यक्ति ने भरोसा दिलाया कि भुगतान होते ही 48 घंटे के भीतर काली मिर्च की खेप जौनपुर पहुंचा दी जाएगी। नियमित लेनदेन और फर्म के नाम से समानता के कारण दिनेश गुप्त को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। उन्होंने दिए गए बैंक खाते में 92 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
15 दिन बाद हुआ ठगी का एहसास
रुपये भेजने के बाद जब निर्धारित समय में माल नहीं पहुंचा तो दिनेश गुप्त ने संपर्क करने की कोशिश की। शुरुआत में टालमटोल किया गया, लेकिन बाद में आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। लगभग 15 दिन बीत जाने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तत्काल साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना टीम की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलते ही साइबर थाना टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। संबंधित बैंक खाते को चिन्हित कर तत्काल आवश्यक प्रक्रिया अपनाई गई। समय पर की गई कार्रवाई के कारण 92 हजार रुपये की पूरी धनराशि सुरक्षित कर ली गई और पीड़ित के खाते में वापस कराई गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि शिकायत में देरी होती तो राशि निकाल ली जाती और उसे वापस कराना कठिन हो जाता।
व्यापारियों के लिए सतर्कता की सलाह
पुलिस ने व्यापारियों को सलाह दी है कि किसी भी प्रकार के खाते में बदलाव या भुगतान संबंधी सूचना मिलने पर संबंधित फर्म के आधिकारिक नंबर पर संपर्क कर सत्यापन अवश्य करें। केवल फोन कॉल या संदेश के आधार पर बैंक खाते में रकम ट्रांसफर न करें। साइबर अपराधी अक्सर नाम और विवरण मिलते जुलते रखकर विश्वास जीतने का प्रयास करते हैं।
पृष्ठभूमि में बढ़ते साइबर अपराध
हाल के वर्षों में ऑनलाइन लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। विशेष रूप से व्यापारियों और छोटे कारोबारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या खाते में भुगतान करने से पहले सत्यापन करना ही सबसे प्रभावी बचाव है। जौनपुर में हुई यह घटना जागरूकता का संदेश भी देती है कि समय पर शिकायत और त्वरित कार्रवाई से नुकसान की भरपाई संभव है।
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