स्कूल बस हादसे पर सख्त कार्रवाई, अलीगढ़ की RTO प्रवर्तन अधिकारी व तत्कालीन संभागीय निरीक्षक निलंबित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने कासगंज जिले में स्कूल बस हादसे के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए अलीगढ़ की RTO प्रवर्तन अधिकारी वंदना सिंह और तत्कालीन संभागीय निरीक्षक प्राविधिक चंपालाल को निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई 28 फरवरी को ग्राम नगला साधु में स्कूल बस की फर्श टूटने से हुई छात्रा की मौत के मामले में की गई है।
जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
हादसे की जांच में पता चला कि संबंधित स्कूल बस का बीमा और परमिट दोनों ही समाप्त हो चुके थे। इसके अलावा वाहन जर्जर स्थिति में संचालित किया जा रहा था, जो स्पष्ट रूप से सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। विभागीय स्तर पर इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई।
परिवहन आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश
परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए परिवहन विभाग पूरी सक्रियता से कार्य करे। प्रत्येक क्षेत्रीय अधिकारी को अपने-अपने जनपदों में नियमित निरीक्षण कर नियमों के अनुपालन की समीक्षा करनी होगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यालय स्तर पर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिससे दुर्घटना संबंधी सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
निलंबित अधिकारियों पर क्या हैं आरोप
वंदना सिंह और चंपालाल पर आरोप है कि उन्होंने अपने विभागीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया। विशेष रूप से स्कूल बसों की परमिट और बीमा की वैधता की निगरानी तथा तकनीकी फिटनेस की जांच में गंभीर चूक पाई गई। वर्तमान में चंपालाल सिद्धार्थनगर में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) के पद पर तैनात थे।
अन्य अधिकारियों को भी नोटिस
इस मामले में उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) आगरा, ARTO (प्रशासन/प्रवर्तन) अलीगढ़, ARTO (प्रशासन/प्रवर्तन) कासगंज तथा अलीगढ़ के यात्रीकर अधिकारी को भी नोटिस जारी कर तीन कार्य दिवस के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। प्राप्त जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन पर भी होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है, ताकि जिम्मेदार पक्षों की भूमिका तय की जा सके।
सड़क सुरक्षा पर सरकार की प्राथमिकता
विभाग का कहना है कि वाहनों की तकनीकी फिटनेस, परमिट और बीमा संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। विशेषज्ञों और आम जनता ने इस कार्रवाई को सकारात्मक कदम बताया है। शासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सड़क सुरक्षा नियमों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है।
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