सोनभद्र जनपद के अनपरा थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के एक बड़े मामले में पुलिस ने सराहनीय कार्रवाई करते हुए पीड़ित को उसकी ठगी गई धनराशि का एक और हिस्सा वापस कराने में सफलता हासिल की है। थाना अनपरा की साइबर टीम ने साइबर फ्रॉड का शिकार बने युवक को 58872 रुपये की रकम उसके मूल बैंक खाते में वापस कराई है। इसके साथ ही अब तक कुल 441172 रुपये पीड़ित को लौटाए जा चुके हैं।
जानकारी के अनुसार मोहित दूबे पुत्र सतीश कुमार दूबे निवासी केराकत जनपद जौनपुर हाल पता औड़ी मोड़ के साथ जनवरी 2024 में साइबर ठगी की घटना हुई थी। अज्ञात साइबर अपराधियों ने टेलीग्राम एप के माध्यम से पैसा डबल करने का झांसा देकर कुल 16 बार में 1863966 रुपये की ठगी की थी। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से विधिवत शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देश पर साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में थाना अनपरा की साइबर टीम ने इस मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित की ठगी गई कुल रकम में से 458882 रुपये को विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराने में सफलता प्राप्त की।
इसके बाद NCRP पोर्टल से आवश्यक साक्ष्य संकलित कर संबंधित बैंक शाखाओं से लगातार ईमेल पत्राचार किया गया। इसी क्रम में दिनांक 01 फरवरी 2026 को 382300 रुपये तथा दिनांक 09 फरवरी 2026 को 58872 रुपये पीड़ित के मूल बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस कराए गए। पुलिस का कहना है कि शेष होल्ड की गई धनराशि को भी वापस कराने के लिए संबंधित बैंकों से निरंतर समन्वय और पत्राचार किया जा रहा है।
साइबर टीम की इस कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी राहत मिली है और उसने पुलिस के प्रयासों की सराहना की है। अनपरा पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के मामलों में समय पर की गई शिकायत और त्वरित कार्रवाई से ठगी की रकम वापस कराना संभव हो पाता है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लालच में आकर अनजान लिंक या एप पर निवेश न करें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार राय तथा साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात हेड कांस्टेबल आनन्द मोहन बिन्द की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
