UPSC Result 2026: पूर्वांचल के युवाओं ने रचा इतिहास, कई जिलों के प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों ने पाई शानदार सफलता
वाराणसी। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2026 के घोषित परिणामों में पूर्वांचल के कई जिलों के युवाओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। कठिन परिश्रम, धैर्य और लगन के बल पर इन युवाओं ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में स्थान बनाकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और जिले को गौरवान्वित किया है। परिणाम घोषित होने के बाद चंदौली, जौनपुर, बलिया और आजमगढ़ समेत कई जिलों में खुशी और उत्साह का माहौल है। गांवों और कस्बों में लोगों ने मिठाइयां बांटकर इन प्रतिभाशाली युवाओं की सफलता का जश्न मनाया।
चंदौली के दो युवाओं ने बढ़ाया जिले का मान
चंदौली जिले के दो होनहार युवाओं ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। पीडीडीयू नगर निवासी आरपीएफ में तैनात एएसआई अनमोल कुमारी के पुत्र ईशित्वा आनंद ने परीक्षा में 50वीं रैंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। उनके इस शानदार प्रदर्शन से परिवार और विभाग में खुशी की लहर दौड़ गई है। परिणाम घोषित होते ही बधाई देने वालों का तांता लग गया। वर्तमान में ईशित्वा आनंद दिल्ली में हैं और उनकी सफलता पर परिजनों ने गर्व जताया है।
इसी क्रम में चकिया नगर निवासी मृत्युंजय गुप्ता ने भी यूपीएससी परीक्षा में 726वीं रैंक हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया है। मृत्युंजय गुप्ता के पिता शैलेश गुप्ता बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं और मुजफ्फरपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में कार्यरत हैं, जबकि उनके दादा स्वर्गीय गिरजा गुप्ता भी शिक्षक थे। शिक्षा और संस्कारों से समृद्ध इस परिवार की तीसरी पीढ़ी ने प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाकर एक नई मिसाल कायम की है।
मृत्युंजय बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने कड़ी मेहनत से जेईई एडवांस्ड परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया और समाज व देश के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। उनकी सफलता पर माता रेखा गुप्ता और पिता शैलेश गुप्ता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया।
जौनपुर के उत्कर्ष मिश्रा को मिली 337वीं रैंक
जौनपुर जिले के विकासखंड तुलापुर निवासी चन्द्रेश मिश्रा के पुत्र उत्कर्ष मिश्रा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 के अंतिम परिणाम में 337वीं रैंक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है। उत्कर्ष ने इससे पहले भी साक्षात्कार तक का सफर तय किया था, लेकिन अंतिम चयन से चूक गए थे। लगातार प्रयास और धैर्य के साथ उन्होंने पांचवें प्रयास में यह सफलता हासिल की।
उत्कर्ष मिश्रा ने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। उनकी स्कूली शिक्षा बरेली जिले से आईसीएससी बोर्ड से हुई। सिविल सेवा परीक्षा में उनका वैकल्पिक विषय भी मैकेनिकल इंजीनियरिंग रहा। उनकी माता शशिकला मिश्रा गृहणी हैं, जबकि पिता चन्द्रेश मिश्रा बरेली में इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर संचालित करते हैं। उत्कर्ष के छोटे भाई हर्ष मिश्रा भी आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक कर चुके हैं। उनकी सफलता पर परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।
बलिया की शिक्षा पाठक ने पाई 453वीं रैंक
बलिया जिले के हल्दी थाना क्षेत्र के पियरौटा गांव निवासी अरुण पाठक की पुत्री शिक्षा पाठक ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 में 453वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिणाम आने के बाद लोगों ने उनके घर पहुंचकर बधाई दी और मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया।
शिक्षा पाठक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव और आसपास के विद्यालयों से प्राप्त की। आगे की पढ़ाई के लिए वह प्रयागराज और दिल्ली में रहीं। यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने लगातार दो से तीन वर्षों तक कड़ी मेहनत की। शिक्षा ने बताया कि परिवार का सहयोग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहा। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि अगर धैर्य और सही दिशा में मेहनत की जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है।
रवि शेखर सिंह को 176वीं रैंक, तीसरे प्रयास में मिली सफलता
बलिया जिले के गड़हांचल क्षेत्र के दौलतपुर गांव निवासी दिलीप सिंह के छोटे पुत्र रवि शेखर सिंह ने यूपीएससी में 176वीं रैंक हासिल कर गांव सहित पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। उनके पिता दिलीप सिंह बलिया में असिस्टेंट पोस्ट मास्टर के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
रवि शेखर सिंह की प्रारंभिक शिक्षा बसंतपुर में हुई। इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई नागा जी सरस्वती विद्यालय माल्देपुर से करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था, जबकि इंटरव्यू दूसरा था। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता को दिया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है।
आदित्य कृष्णा ने हासिल की 540वीं रैंक
बलिया जिले के चितबड़ागांव नगर पंचायत के वार्ड नंबर 12 आजाद नगर निवासी अशोक कुमार तिवारी के पुत्र आदित्य कृष्णा ने यूपीएससी परीक्षा में 540वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी माता स्वर्गीय कंचन तिवारी वर्ष 1989 से 2012 तक बिहार के विभिन्न जिलों में सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के पद पर कार्यरत रहीं। सेवा के दौरान ही उनका निधन हो गया था।
आदित्य कृष्णा की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में हुई और उन्होंने वर्ष 2021 में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। उनकी सफलता की खबर मिलते ही चितबड़ागांव में खुशी का माहौल बन गया। नगर पंचायत चेयरमैन अमरजीत सिंह और सभासद अखिलेश सिंह ने लोगों का मुंह मीठा कराकर अपनी खुशी व्यक्त की। क्षेत्र के लोगों ने भी आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आजमगढ़ के राज सिंह को 729वीं रैंक
आजमगढ़ जिले के मेंहनगर क्षेत्र के गुरेहथा गांव निवासी राज सिंह ने यूपीएससी परीक्षा 2026 में 729वीं रैंक हासिल की है। यह उनकी तीसरे प्रयास में मिली सफलता है। परिणाम घोषित होते ही गांव में खुशी का माहौल बन गया और बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया।
राज सिंह के पिता राजीव सिंह और माता बीना सिंह ने बेटे की इस सफलता पर गर्व जताया। राज सिंह ने प्राथमिक शिक्षा महर्षि विद्या मंदिर आजमगढ़ से प्राप्त की। आगे की पढ़ाई के लिए उनका दाखिला बिड़ला पब्लिक स्कूल पिलानी, राजस्थान में कराया गया, जहां उन्होंने कक्षा छह से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई पूरी कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। लगातार दो प्रयासों में असफलता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की।
आजमगढ़ के भाई-बहन ने रची सफलता की मिसाल
आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज क्षेत्र के शांतिपुर गांव में भाई-बहन की जोड़ी ने यूपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। अधिवक्ता सूर्यप्रकाश उपाध्याय और शिक्षिका प्रतिभा उपाध्याय के पुत्र आदित्य हृदय उपाध्याय ने 154वीं रैंक प्राप्त की, जबकि उनकी छोटी बहन आयुषी उपाध्याय ने 361वीं रैंक हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया।
दोनों भाई-बहन की शैक्षणिक उपलब्धियां भी बेहद उत्कृष्ट रही हैं। आदित्य हृदय उपाध्याय रुड़की से बीटेक में गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं और इससे पहले यूपीएससी में चयनित होकर आयकर विभाग में आईआरएस (असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स) के पद पर कार्यरत हैं। वहीं आयुषी उपाध्याय ने नेशनल लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल हासिल किया और दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त की। दोनों की इस उपलब्धि से पूरे गांव और जिले में हर्ष का माहौल है।
पूर्वांचल के इन युवाओं की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की जा सकती है। इन प्रतिभाओं की उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी नई प्रेरणा मिली है।
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