वाराणसी: अमृत 2 के तहत 259 करोड़ की सीवर-पेयजल परियोजनाओं को स्वीकृति, होली बाद काम शुरू

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Sandeep Srivastava
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वाराणसी में अमृत 2 योजना के तहत सीवर और पेयजल परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है।

वाराणसी में अमृत 2 योजना के तहत 259 करोड़ रुपये से सीवर और पेयजल परियोजनाओं को स्वीकृति

वाराणसी/रामनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नगर निगम वाराणसी को अमृत 2 योजना के तहत 259 करोड़ रुपये से अधिक की सीवर और पेयजल परियोजनाओं की स्वीकृति शासन स्तर से मिल गई है। यह स्वीकृति शहर के 18 अति प्रभावित वार्डों और नव विस्तारित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए दी गई है। शासन ने इन परियोजनाओं की प्रथम किश्त भी जारी कर दी है और नगर निगम द्वारा टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अधिकारियों के अनुसार होली के बाद पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू होने की संभावना है।

रामनगर और सूजाबाद क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता

नव विस्तारित क्षेत्र रामनगर जोन में सीवर नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 190.09 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत तीनों वार्डों में 69.98 किलोमीटर ब्रांच लाइन तथा 3.4 किलोमीटर राइजिंग मेन लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही 10 एमएलडी क्षमता का एसटीपी और दो सीवर पंपिंग स्टेशन का निर्माण प्रस्तावित है। योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर को सीवर कनेक्शन से जोड़ना है। नगर निगम के अनुसार 13645 घरों को मुफ्त सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

इसी प्रकार सूजाबाद जोन में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के विस्तार के लिए 34.77 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के लिए प्रथम किश्त के रूप में 6.42 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं। पेयजल पाइपलाइन विस्तार से क्षेत्र में जल आपूर्ति की स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

18 प्रभावित वार्डों में 33.44 करोड़ की परियोजना

पुराने शहर के 18 अति प्रभावित वार्डों में सीवर और पेयजल व्यवस्था के सुधार के लिए 33.44 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत 6.18 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त जारी की जा चुकी है। इन क्षेत्रों में वर्षों पुरानी पाइप लाइनों के कारण सीवर ओवरफ्लो और जल रिसाव की समस्या बनी हुई है। नई पाइपलाइन बिछने से इन समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है।

लाइन लॉस में कमी और जल दबाव में सुधार की संभावना

शहर के कई हिस्सों में सीवर और पेयजल की पाइप लाइन अत्यंत पुरानी बताई जाती है। लीकेज के कारण लगभग 48 प्रतिशत तक पानी का लाइन लॉस हो रहा है। नई पाइपलाइन बिछने से जल क्षति में कमी आने और पेयजल आपूर्ति के दबाव में सुधार होने की संभावना जताई गई है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद जल वितरण प्रणाली अधिक व्यवस्थित होगी।

शासन का निर्देश और समयबद्ध कार्यान्वयन

शासन के संयुक्त सचिव देवेश मिश्र द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वाराणसी के विकास कार्यों में संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी। साथ ही सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लागत में वृद्धि न हो और जनता को शीघ्र लाभ मिल सके।

महापौर का वक्तव्य

वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काशी में विकास के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमृत 2 योजना के तहत स्वीकृत धनराशि से शहर के विस्तारित क्षेत्रों विशेषकर रामनगर और सूजाबाद में सीवर और पेयजल की समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कार्य होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

पृष्ठभूमि

अमृत 2 योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति और सीवर नेटवर्क को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है। वाराणसी जैसे ऐतिहासिक और तेजी से विकसित हो रहे शहर में बढ़ती आबादी के अनुरूप बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक माना जा रहा है। नगर निगम वाराणसी द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं को इसी व्यापक योजना का हिस्सा बताया जा रहा है। आने वाले महीनों में कार्य प्रारंभ होने के बाद इन योजनाओं की प्रगति पर निगरानी रखी जाएगी ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरे हो सकें।