वाराणसी में शनिवार को उस समय अफरा तफरी की स्थिति बन गई जब केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कुछ लोगों ने हंगामा कर दिया। यह प्रेस कांफ्रेंस शहर के सर्किट हाउस के सभागार में आयोजित की गई थी। हंगामा कर रहे लोग काशी द्वार योजना को रद्द करने की मांग कर रहे थे और उन्होंने हाथों में प्लेकार्ड लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कुछ समय के लिए कार्यक्रम बाधित हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगभग आठ से दस लोग सभागार में पहुंचे और प्रेस कांफ्रेंस शुरू होते ही अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद वे डायस के पास पहुंच गए और काशी द्वार योजना के विरोध में प्रदर्शन करने लगे। स्थिति को संभालते हुए मंत्री कमलेश पासवान ने संयम बरतते हुए प्रदर्शनकारियों की बात सुनने का प्रयास किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पत्रक लिया और उन्हें आश्वासन दिया कि वे अपनी बात उचित मंच पर रखें, जहां उस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते रहे, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय करना पड़ा।
हंगामे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों में कांग्रेस से जुड़े नेता वैभव त्रिपाठी और मानस त्रिपाठी शामिल हैं। दोनों को पूछताछ के बाद हिरासत में रखा गया। बताया गया कि वैभव त्रिपाठी किसानों के साथ मिलकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
हंगामे के बावजूद केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने मीडिया से बातचीत जारी रखी और केंद्र सरकार के बजट से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत लंबित भुगतान को लेकर बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है। इसके लिए 30000 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है, जिससे मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके साथ ही मंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विकसित भारत की दिशा में 70000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। उत्तर प्रदेश में मनरेगा के 3600 करोड़ रुपये के बकाए को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह बजट केवल एक साल का नहीं, बल्कि 2047 के विकसित भारत की मजबूत नींव रखने वाला बजट है। इसमें गांव गरीब किसान युवा और श्रमिक सभी के हितों का ध्यान रखा गया है।
कमलेश पासवान ने कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ साथ भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक से जुड़े क्षेत्रों के लिए 40000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मोबाइल बैटरी और अन्य आधुनिक उपकरणों के लिए जरूरी दुर्लभ खनिजों की खोज को तेज करने की व्यवस्था भी की गई है, ताकि देश आत्मनिर्भर बन सके।
प्रेस कांफ्रेंस के अंत में केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ग्रामीण विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस बजट से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बुनियादी सुविधाओं में सुधार आएगा। हालांकि काशी द्वार योजना को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन ने कार्यक्रम को कुछ समय के लिए बाधित किया, लेकिन प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को समय रहते संभाल लिया।
