वाराणसी में सफाईकर्मी धीरज सरोज हत्याकांड का खुलासा दोस्त ने शराब पिलाने के बाद वरुणा नदी में दिया था धक्का
वाराणसी: शहर के जैतपुरा थाना क्षेत्र के नक्खीघाट इलाके में रहने वाले सफाईकर्मी धीरज सरोज की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार इस मामले में मृतक के दोस्त मोनू श्रीवास्तव उर्फ आनंद को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि शराब पीने के दौरान हुए विवाद के बाद आरोपी ने धीरज को वरुणा नदी में धक्का दे दिया था। नदी में गिरने के बाद वह दलदल में फंस गया जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी गीता देवी की तहरीर पर हत्या और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
दो जुलाई की रात घर से निकला था धीरज
पुलिस के अनुसार नक्खीघाट निवासी धीरज सरोज एक निजी कंपनी में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्य करता था। दो जुलाई की रात उसका पड़ोसी और दोस्त मोनू श्रीवास्तव उर्फ आनंद उसे शराब पिलाने के बहाने अपने साथ घर से लेकर गया था। इसके बाद धीरज वापस घर नहीं लौटा। अगले दिन तीन जुलाई को नक्खीघाट पुल के नीचे वरुणा नदी में उसका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
पत्नी की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
मृतक की पत्नी गीता देवी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके पति आखिरी बार मोनू श्रीवास्तव के साथ गए थे और उसके बाद वापस नहीं लौटे। इस आधार पर पुलिस ने हत्या और एससी एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का अवलोकन किया। फुटेज में धीरज और मोनू नक्खीघाट स्थित देशी शराब के ठेके पर एक साथ दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को वरुणा कॉरिडोर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
घर आने जाने को लेकर मन में थी रंजिश
पुलिस पूछताछ में आरोपी मोनू श्रीवास्तव उर्फ आनंद ने बताया कि वह धीरज का दोस्त था और अक्सर उसके घर आता जाता था। हालांकि धीरज की मां और उसकी पत्नी उसके घर आने पर नाराज रहती थीं और उसे भला बुरा कहती थीं। आरोपी के अनुसार इसी बात को लेकर वह लंबे समय से धीरज के प्रति मन में रंजिश रखता था।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन दोनों नक्खीघाट पुल के नीचे बैठकर शराब पी रहे थे। उसी दौरान धीरज की पत्नी गीता देवी मोनू के घर पहुंची और उसकी मां से मोनू से बात कराने को कहा। इसके बाद मोनू की मां ने पड़ोसी के मोबाइल से मोनू को फोन किया। फोन आने पर धीरज ने पूछा कि किसका फोन है। इस पर मोनू ने बताया कि उसकी पत्नी का फोन है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर गुस्से में आकर उसने धीरज को वरुणा नदी में धक्का दे दिया। नदी में गिरने के बाद धीरज दलदल में फंस गया और बाहर नहीं निकल सका जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस का बयान
जैतपुरा थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी गीता देवी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज तकनीकी साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी मोनू श्रीवास्तव उर्फ आनंद की पहचान की गई। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
जांच की पृष्ठभूमि
धीरज सरोज का शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई स्तर पर जांच की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज एकत्र की गई। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपी से पूछताछ के आधार पर घटना का खुलासा किया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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