वाराणसी: शास्त्री घाट पर रविवार को कांग्रेस की ओर से आयोजित संविधान संवाद रैली ने शहर के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। गंगा तट पर जुटी भारी भीड़ के बीच कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखे शब्दों में हमला बोला और लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। रैली का नेतृत्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने किया। मंच पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा और प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत भी मौजूद रहीं। नेताओं के संबोधनों के दौरान कार्यकर्ताओं में जोश और आक्रोश साफ नजर आया।
रैली को संबोधित करते हुए पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा द्वारा कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि बीते एक साल से असम के मुख्यमंत्री लगातार अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि असल में भ्रष्टाचार के गंभीर सवाल खुद मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर हैं, जिनसे ध्यान भटकाने के लिए ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गौरव गोगोई किसी एक व्यक्ति का नाम नहीं, बल्कि आधुनिक असम के निर्माण से जुड़ी एक सोच हैं और उनका अपमान असम की जनता का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन आरोपों का जवाब कानूनी तरीके से दिया जाएगा और सच्चाई सामने आने पर दोषी व्यक्ति को कानून के दायरे में आना होगा।
पवन खेड़ा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा वीर सावरकर को भारत रत्न देने संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन संगठनों की आजादी की लड़ाई और राष्ट्र निर्माण में कोई भूमिका नहीं रही, उनकी बातों को गंभीरता से क्यों लिया जाए, यह सवाल आम लोगों के मन में है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेतृत्व अपने ही सांसदों और सच्चाई से डरता हो, लोकतंत्र में उसकी विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़े होते हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार सच्चाई से घबराई हुई है, क्योंकि लगातार ऐसे दस्तावेज और किताबें सामने आ रही हैं जो मौजूदा नीतियों पर सवाल उठाती हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अपने संबोधन में भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के मंत्री यह मानकर चल रहे हैं कि कांग्रेस के कार्यकर्ता दब जाएंगे, लेकिन यह उनकी सबसे बड़ी भूल है। उन्होंने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता पहले भी कठिन परिस्थितियों का सामना कर चुके हैं और आगे भी झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि रासुका और एनएसए जैसी कठोर कार्रवाइयों का सामना करने के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हौसला टूटा नहीं है। अजय राय ने पार्टी के भीतर और बाहर के हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भले ही कुछ बड़े नेता बिक गए हों, लेकिन काशी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कोई खरीद नहीं पाया है।
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने संविधान, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी को बचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ा है और ऐसे में आम नागरिकों की भूमिका और जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। रैली के अंत में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दिलाया।
