यूपी में कुदरत का कहर आंधी तूफान ने ली 100 से अधिक जिंदगियां राष्ट्रपति प्रधानमंत्री को पुतिन का शोक संदेश योगी सरकार हाई अलर्ट पर
लखनऊ/वाराणसी: उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए विनाशकारी आंधी तूफान तेज बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक तबाही का मंजर छोड़ दिया। कुछ ही घंटों में मौसम ने ऐसा रौद्र रूप धारण किया कि कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया। पेड़ उखड़ गए बिजली के खंभे धराशायी हो गए मकानों की दीवारें गिर गईं और सड़कें मलबे से पट गईं। इस प्राकृतिक आपदा ने प्रदेश भर में भारी जान माल का नुकसान पहुंचाया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार मृतकों की संख्या 100 से अधिक पहुंच चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं।
इस भीषण त्रासदी की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सुनाई दी। रूस के राष्ट्रपति ने भारत की राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को शोक संदेश भेजते हुए उत्तर प्रदेश में हुई जनहानि और व्यापक तबाही पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अपने संदेश में मृतकों के परिजनों के प्रति सहानुभूति जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रदेश के कई जिलों में दिखा तूफान का असर
राजधानी लखनऊ से लेकर वाराणसी गाजियाबाद अयोध्या और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक तूफान का असर देखा गया। बुधवार शाम अचानक धूलभरी हवाओं ने आसमान को ढंक लिया। कुछ ही देर में तेज हवाओं के साथ बारिश और कई स्थानों पर ओले पड़ने लगे। तेज रफ्तार हवाओं ने पेड़ों होर्डिंग्स और अस्थायी ढांचों को उखाड़कर फेंक दिया। कई जिलों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई और सड़क संपर्क प्रभावित हुआ।
प्रयागराज में सबसे अधिक जनहानि
सबसे अधिक मौतें प्रयागराज में दर्ज की गईं जहां 21 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा भदोही मिर्जापुर फतेहपुर और अन्य जिलों में भी भारी जनहानि हुई। प्रशासनिक रिपोर्टों के अनुसार अधिकतर मौतें पेड़ों के गिरने दीवार ढहने और मलबे में दबने से हुईं।
बरेली की घटना ने झकझोरा
घटनाओं के बीच बरेली से सामने आई एक तस्वीर और वीडियो ने लोगों को झकझोर दिया। तेज आंधी के बीच टिन शेड पकड़कर खड़ा एक व्यक्ति हवा के प्रचंड वेग में लगभग 50 फीट तक उछल गया और करीब 100 मीटर दूर खेत में जा गिरा। इस घटना में उसका हाथ टूट गया हालांकि उपचार के बाद उसकी जान बच गई। यह घटना इस तूफान की भयावहता को बयां करने के लिए काफी मानी जा रही है।
सरकार ने राहत कार्यों में तेजी के दिए निर्देश
इस बीच मुख्यमंत्री ने सभी प्रभावित जिलों के प्रभारी मंत्रियों को मौके पर जाकर हालात का जायजा लेने और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्यों को तत्काल गति देने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती से जनता के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को क्षति का आकलन कर तेजी से राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक मशीनरी युद्धस्तर पर राहत और पुनर्स्थापन कार्य में जुटी हुई है। कई स्थानों पर एनडीआरएफ और स्थानीय टीमें मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम कर रही हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
हालांकि गुरुवार सुबह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ दिखाई दिया और तेज धूप निकली लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ धीरे धीरे कमजोर पड़ रहा है जिससे आगामी दिनों में तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। 16 मई के बाद बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों में गर्मी और लू की स्थिति बनने की संभावना भी जताई जा रही है।
इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मौसम की बदलती प्रकृति और अचानक आने वाली आपदाओं से निपटने के लिए तैयारी और सतर्कता को और मजबूत करने की आवश्यकता है। फिलहाल प्रदेश के कई परिवार अपनों को खोने के दुख और तबाही से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर प्रकृति के विकराल रूप का ऐसा चेहरा देखा है जिसे लोग लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे।
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