वाराणसी: रामनगर में समर फेस्टिवल मेले का भव्य आगाज, संस्कृति, हस्तशिल्प और मनोरंजन का एक महीने तक सजेगा रंगारंग संसार
वाराणसी/रामनगर: ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से समृद्ध रामनगर क्षेत्र में सोमवार को उत्साह, परंपरा और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। गंगा तट की सांस्कृतिक विरासत और काशी की ऐतिहासिक पहचान के बीच किला रोड स्थित अयोध्या मैदान में बहुप्रतीक्षित समर फेस्टिवल मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह पूरे गरिमामय वातावरण और उत्सवी माहौल के बीच आयोजित हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, स्थानीय नागरिकों और बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस आयोजन का स्वागत किया। उद्घाटन के साथ ही पूरे परिसर में उल्लास और उत्साह का माहौल बन गया और रामनगर की फिजाओं में एक नए सांस्कृतिक पर्व की शुरुआत दिखाई दी।
इस भव्य आयोजन का शुभारंभ समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व राज्य मंत्री रीबू श्रीवास्तव तथा नगर के प्रख्यात समाजसेवी एपी सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन और फीता काटकर किया। जैसे ही उद्घाटन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी हुई, शंखध्वनि और तालियों की गूंज से पूरा अयोध्या मैदान गूंज उठा। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने इस पल को उत्साहपूर्वक देखा और आयोजन की सफलता की कामना की।
एक महीने तक चलेगा उत्सव, लोगों को मिलेगा मनोरंजन और खरीदारी का अवसर
मेला संचालक जवाहर जायसवाल ने उद्घाटन अवसर पर आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि यह समर फेस्टिवल आगामी एक महीने तक लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहेगा। उन्होंने बताया कि मेले में मनोरंजन, व्यापार और संस्कृति को एक साथ जोड़ा गया है ताकि परिवारों को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार की सुविधाएं मिल सकें। बच्चों के लिए अत्याधुनिक झूले, मनोरंजन गतिविधियां और खानपान की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके साथ ही देश के अलग अलग हिस्सों से आए शिल्पकारों और व्यापारियों को भी अपनी कला और उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर दिया गया है।
रीबू श्रीवास्तव ने मेले को बताया लोक संस्कृति और अर्थव्यवस्था का मंच
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व राज्य मंत्री रीबू श्रीवास्तव ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होते बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए उपयोगी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि मेले हमारी परंपराओं और लोक संस्कृति के जीवंत प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन छोटे और मध्यम वर्गीय व्यापारियों, बुनकरों और शिल्पकारों को नई पहचान दिलाने में मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के समय में जब बाजार व्यवस्था लगातार बदल रही है, तब छोटे व्यवसायियों को एक मंच प्रदान करना महत्वपूर्ण हो जाता है। उनके अनुसार ऐसे आयोजन स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रामनगर की जनता इस आयोजन को उत्साह के साथ अपनाएगी और इसे यादगार बनाएगी।
भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं मेले और उत्सव, बोले एपी सिंह
समाजसेवी एपी सिंह ने अपने संबोधन में मेले की सामाजिक उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत में मेले और त्योहारों का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का कार्य करते हैं और लोगों को एक दूसरे से जोड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि शहर की व्यस्त जिंदगी के बीच ऐसे मेले परिवारों को समय बिताने और खुशियां साझा करने का अवसर देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मेले में रोजमर्रा की जरूरतों के सामान से लेकर खादी और क्रॉकरी तक की विविधता लोगों के लिए सुविधाजनक साबित होगी। साथ ही छोटे व्यापारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
रामनगर के विकास को मिलेगा नया आयाम
स्थानीय पार्षद रामकुमार यादव ने आयोजन को क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि रामनगर हमेशा से कला और उत्सवों की भूमि रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देते हैं बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से मेले में सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन सफलता के नए आयाम स्थापित करेगा।
युवाओं और स्वरोजगार के लिए अवसर का मंच
विशिष्ट अतिथि जितेंद्र यादव उर्फ मलिक ने कहा कि वर्तमान समय में छोटे व्यापार और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि यह मेला युवाओं के लिए प्रेरणा का माध्यम बन सकता है क्योंकि यहां केवल व्यापार नहीं बल्कि स्वरोजगार और उद्यमशीलता की नई संभावनाएं भी मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों और खादी को प्रमुखता देना युवाओं को अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने इस आयोजन को पूरी तरह सफल बनाने का आह्वान किया।
हस्तशिल्प, खादी और आधुनिक आकर्षणों का अनूठा संगम
इस बार समर फेस्टिवल मेले को विशेष रूप से आकर्षक ढंग से तैयार किया गया है। मेले में विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकारों द्वारा तैयार हस्तशिल्प वस्तुएं, पारंपरिक खादी वस्त्र, कलात्मक क्रॉकरी और घरेलू जरूरतों के अनेक सामान उपलब्ध हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए हाई टेक झूले, मिकी माउस और विशेष मनोरंजन गतिविधियां रखी गई हैं।
फूड कोर्ट भी मेले का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है जहां बनारसी चाट सहित विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों की व्यवस्था की गई है। उद्घाटन अवसर पर पार्षद रामकुमार यादव, बलराम यादव, जितेंद्र यादव उर्फ मलिक, मेला समिति के पदाधिकारी, सुरक्षाकर्मी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। रामनगर में शुरू हुआ यह समर फेस्टिवल आने वाले दिनों में क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
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