बागपत में विजिलेंस का बड़ा एक्शन रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी विभाग में मचा हड़कंप
बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस मेरठ की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद जिला पूर्ति विभाग में हड़कंप मच गया और पूरे कार्यालय परिसर में अफरा तफरी जैसा माहौल देखने को मिला। अचानक हुई इस कार्रवाई से विभागीय कर्मचारियों में बेचैनी बढ़ गई और पूरे दिन कार्यालय परिसर में चर्चाओं का दौर चलता रहा। विजिलेंस की इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला पूर्ति अधिकारी पर एक राशन डीलर से कमीशन मांगने और रकम नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई कराने की धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। आरोप है कि बुढ़सैनी गांव निवासी राशन डीलर नरेंद्र सिंह से प्रति क्विंटल 45 रुपये के हिसाब से कमीशन की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि लगातार दबाव बनाया जा रहा था और पैसे नहीं देने पर लाइसेंस तथा विभागीय कार्रवाई का भय दिखाया जा रहा था। आरोपों से परेशान होकर राशन डीलर ने पूरे मामले की शिकायत विजिलेंस विभाग मेरठ से की थी।
गोपनीय जांच के बाद बिछाया गया ट्रैप
सूत्रों के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस मेरठ की टीम ने पूरे मामले की गोपनीय जांच शुरू की। टीम ने कई दिनों तक शिकायत और आरोपों की पड़ताल की। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई। विजिलेंस टीम ने पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया ताकि कार्रवाई से पहले किसी को भनक न लग सके।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता राशन डीलर को रकम के साथ जिला पूर्ति कार्यालय भेजा गया। जैसे ही कार्यालय के भीतर कथित रूप से पैसों का लेनदेन हुआ वैसे ही पहले से सतर्क विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई इतनी अचानक हुई कि कार्यालय में मौजूद कर्मचारी और अन्य लोग कुछ समझ ही नहीं सके। कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और लोग इधर उधर भागते नजर आए।
कार्यालय में मचा हड़कंप कर्मचारी रहे सकते में
जिला पूर्ति अधिकारी की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही फैली वैसे ही विभागीय कर्मचारियों में खलबली मच गई। कई कर्मचारी अचानक फाइलें समेटते और इधर उधर फोन पर बातचीत करते दिखाई दिए। कार्यालय के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे घटनाक्रम को लेकर तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। स्थानीय लोगों और विभाग से जुड़े कर्मचारियों के बीच यह मामला पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विजिलेंस टीम ने कार्रवाई के दौरान कार्यालय के भीतर मौजूद दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की। टीम ने कई महत्वपूर्ण फाइलों और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। अधिकारियों को शक है कि मामला केवल एक शिकायत तक सीमित नहीं हो सकता और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। इसी वजह से अब विजिलेंस टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
कोतवाली में पूछताछ जारी
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी को अपने साथ कोतवाली ले गई जहां उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि कथित रिश्वतखोरी का यह मामला कब से चल रहा था और इसमें अन्य लोगों की भी कोई भूमिका है या नहीं। इसके अलावा पूर्ति विभाग के कार्यप्रणाली और राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े अन्य बिंदुओं पर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही कार्रवाई
प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के बीच बागपत की यह घटना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विजिलेंस विभाग की इस कार्रवाई को सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कड़ा संदेश माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि आने वाले दिनों में अन्य शिकायतों की भी गंभीरता से जांच की जा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राशन वितरण व्यवस्था आम जनता से सीधे जुड़ा विषय है और ऐसे विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप बेहद गंभीर माने जाते हैं। लोगों का मानना है कि यदि शिकायत सही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी दबाव और भ्रष्टाचार के जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
फिलहाल विजिलेंस टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और विभागीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद पूरे बागपत जिले में इस कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।
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