वाराणसी: न्यूज रिपोर्ट के स्टिंग ऑपरेशन में देर रात अवैध शराब बिक्री का भंडाफोड़, चिप्स की दुकान से चल रहा था पूरा ‘सिस्टम’
वाराणसी: शहर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाला न्यूज रिपोर्ट समाचार पत्र एक बार फिर अपने दमदार स्टिंग ऑपरेशन के जरिए बड़ी सच्चाई सामने लाया है। इस बार खुलासा हुआ है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में एक साधारण दिखने वाली चिप्स और कुरकुरे की दुकान की आड़ में देर रात खुलेआम देशी शराब, अंग्रेजी शराब और बीयर की अवैध बिक्री की जा रही थी। यह पूरा खेल रात्रि 10 बजे के बाद बेखौफ तरीके से चल रहा था और आसपास के लोगों के अनुसार यह सिलसिला लंबे समय से जारी था।
न्यूज रिपोर्ट की टीम को कई दिनों से लगातार सूचना मिल रही थी कि मंडुआडीह क्षेत्र के भिखारीपुर चौराहे के आसपास स्थित एक छोटी सी दुकान रात होते ही शराब की अवैध बिक्री का अड्डा बन जाती है। स्थानीय लोगों, अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों ने भी बताया कि देर रात यहां शराब खरीदने वालों की भीड़ लगती है, जिसके कारण आए दिन शोर-शराबा, गाली-गलौज और कभी-कभी मारपीट की स्थिति भी बन जाती है। लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए न्यूज रिपोर्ट ने इस मामले की सच्चाई सामने लाने का फैसला किया और एक सुनियोजित स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया।
स्टिंग ऑपरेशन के तहत न्यूज रिपोर्ट के संवाददाता ग्राहक बनकर रात करीब 11 बजे उक्त दुकान पर पहुंचे। बाहर से देखने पर यह दुकान सामान्य चिप्स, कुरकुरे और छोटे-मोटे सामान की बिक्री करने वाली दुकान प्रतीत हो रही थी, लेकिन जैसे ही संवाददाता ने दुकानदार से शराब के बारे में पूछा, तो दुकानदार बिना किसी झिझक के देशी शराब से लेकर अंग्रेजी शराब और बीयर तक के पूरे रेट बताने लगा। इतना ही नहीं, दुकानदार ने यह भी बताया कि अलग-अलग ब्रांड की शराब कितने में उपलब्ध है।
हालांकि हैरान करने वाली बात यह थी कि दुकानदार द्वारा बताए गए सभी दाम बाजार कीमत से 50 से 100 रुपये तक अधिक थे, लेकिन इसके बावजूद खरीदारों की कमी नहीं थी। यह भी साफ दिखाई दे रहा था कि अवैध तरीके से शराब बेचने का यह धंधा काफी समय से चल रहा था और पूरी तरह संगठित तरीके से संचालित हो रहा था।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब आखिर इस दुकान तक पहुंचती कहां से है। जब यह दुकान महज चंद कदम की दूरी पर स्थित भिखारीपुर चौराहे और पुलिस चौकी के पास है, तो फिर इतने खुलेआम अवैध शराब की बिक्री कैसे संभव हो रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार इस गतिविधि के बारे में आसपास के कई लोग जानते थे, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई न होना अपने आप में कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्टिंग ऑपरेशन के दौरान जब संवाददाता ने दुकानदार को बताया कि वह मीडिया से हैं, तो कुछ क्षणों के लिए दुकानदार ठिठक गया। लेकिन अगले ही पल उसने बेहद बेपरवाह अंदाज में कहा कि उसे किसी बात का डर नहीं है और “ऊपर से नीचे तक सबको मैनेज करके रखा गया है।” दुकानदार का यह कथन इस अवैध कारोबार की गंभीरता और उसके पीछे छिपे संभावित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए न्यूज रिपोर्ट की टीम ने तुरंत मौके से ही मंडुआडीह थाना प्रभारी को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और तत्काल पुलिस बल भेजने की अपील की। जैसे ही दुकानदार को इस बात का आभास हुआ कि पुलिस को सूचना दे दी गई है, वह घबरा गया और आनन-फानन में दुकान से शराब और बीयर की बोतलों को हटाने की कोशिश करने लगा। इतना ही नहीं, उसने वहां से भागने की भी कोशिश की।
हालांकि न्यूज रिपोर्ट की सतर्कता और तत्परता के कारण उसका यह प्रयास सफल नहीं हो सका। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों दुकानदारों को पकड़ लिया और उन्हें अपने साथ मंडुआडीह थाने ले गई। पुलिस द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दुकान के कारण आसपास का माहौल लंबे समय से खराब हो रहा था। देर रात शराब खरीदने वालों की भीड़ लगती थी और कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती थी कि राहगीरों और स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। ऐसे में न्यूज रिपोर्ट द्वारा किए गए इस स्टिंग ऑपरेशन ने न केवल एक अवैध गतिविधि का पर्दाफाश किया है, बल्कि क्षेत्र के लोगों को भी राहत दिलाने का काम किया है।
न्यूज रिपोर्ट समाचार पत्र ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पत्रकारिता केवल खबर लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए सच्चाई को सामने लाना भी उसका प्रमुख कर्तव्य है। कलम की ताकत और निष्पक्ष पत्रकारिता के दम पर न्यूज रिपोर्ट लगातार ऐसे मुद्दों को उजागर कर रहा है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
न्यूज रिपोर्ट की टीम ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि चल रही हो, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। यदि किसी कारणवश प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं हो पाती है, तो ऐसी सूचनाएं न्यूज रिपोर्ट तक भी पहुंचाई जा सकती हैं, ताकि सच्चाई को जनता के सामने लाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जा सके।
समाज में फैली इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के खिलाफ न्यूज रिपोर्ट का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से सच्चाई को सामने लाने का यह सिलसिला थमेगा नहीं, क्योंकि पत्रकारिता का असली उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना और व्यवस्था को जवाबदेह बनाना भी है।
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