गाजीपुर: बच्चों से ईंट ढुलाई कराने पर प्रधानाध्यापक निलंबित, तीन अन्य शिक्षकों पर कार्रवाई
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : गाजीपुर जिले के सैदपुर क्षेत्र स्थित बिझवल परिषदीय विद्यालय में बच्चों से ईंट ढुलाई कराने का वीडियो वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो सहायक शिक्षकों और एक शिक्षामित्र के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की गई है।
वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें आधा दर्जन स्कूली बच्चे और बच्चियां विद्यालय परिसर के बाहर रखी ईंटों को ढोते हुए नजर आए। इस वीडियो के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल जांच शुरू कर दी गई।
बीईओ की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
सैदपुर के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) उदयचंद राय ने इस मामले की जानकारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) उपासना रानी वर्मा को दी। रिपोर्ट मिलने के बाद बीएसए ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
इसके साथ ही सहायक शिक्षक विवेक कुमार, प्रिया देवी और शिक्षामित्र राजपत को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। विभागीय स्तर पर इसे गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा गया है।
बाल श्रम कानून के उल्लंघन का मामला
शिक्षा विभाग ने इस घटना को बाल श्रम अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन माना है। विद्यालय में बच्चों से श्रम कराना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों और उनके सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के सिद्धांतों के भी विपरीत है।
जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई
इस पूरे मामले की विस्तृत जांच बिरनो के खंड शिक्षा अधिकारी मिनहाज आलम को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बच्चों के अधिकारों पर उठा सवाल
यह घटना एक बार फिर से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। बच्चों को शिक्षा के बजाय श्रम में लगाना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है और उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
समाज के विभिन्न वर्गों में इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों के सीखने और सुरक्षित वातावरण के केंद्र होते हैं, जहां इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
भविष्य में रोकथाम के निर्देश
बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी और आवश्यक कदम उठाए जाएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि शिक्षा विभाग बच्चों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
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