वाराणसी में ‘Run For Empowerment’ मैराथन का भव्य आयोजन, 234 प्रतिभागियों ने दिया महिला सशक्तिकरण का संदेश
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी। मिशन शक्ति अभियान-5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कमिश्नरेट वाराणसी के रिजर्व पुलिस लाइन्स में ‘Run For Empowerment (मैराथन)’ का भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 234 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए समाज को महिला सशक्तिकरण और जागरूकता का सशक्त संदेश दिया।
गरिमामयी उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ एडीजी जोन वाराणसी श्री पियूष मोर्डिया तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्या द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मकता से भरपूर रहा।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है, ताकि वे समाज में अपने अधिकारों के प्रति सजग रह सकें और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा सकें।
मैराथन का उद्देश्य और महत्व
‘Run For Empowerment’ मैराथन का आयोजन केवल एक खेल गतिविधि तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक सामाजिक संदेश देने का प्रभावी माध्यम भी बना। इस आयोजन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित रहे:
• महिलाओं और बालिकाओं को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना
• महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जागरूकता फैलाना
• महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना
• समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना
• युवाओं में लैंगिक समानता की भावना को बढ़ावा देना
इस प्रकार यह मैराथन महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को रेखांकित करने का एक प्रभावी प्रयास साबित हुआ।
विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी
मैराथन में महिला आरक्षियों के साथ-साथ पुलिस लाइन परिवार की छात्राओं, विकास इंटर कॉलेज शिवपुर की छात्राओं, डायनेमिक पब्लिक स्कूल फूलवरिया कैंट की छात्राओं, वन स्टॉप सेंटर की महिलाओं तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतिभागियों में युवतियों के साथ-साथ गृहिणियों, छात्राओं और कार्यरत महिलाओं की भागीदारी ने इस आयोजन को और अधिक समावेशी बना दिया। सभी प्रतिभागियों ने पूरे जोश और अनुशासन के साथ दौड़ में हिस्सा लिया, जिससे यह कार्यक्रम एक प्रेरणादायक जनआंदोलन का रूप लेता नजर आया।
प्रेरणादायक महिलाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उन महिलाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए समाज में एक मिसाल कायम की है।
सम्मानित होने वाली महिलाओं में श्रीमती जमुना शुक्ला, श्रीमती शिप्रा धर और श्रीमती एकता पारिक प्रमुख रहीं। इन्हें बुके एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
श्रीमती जमुना शुक्ला ने विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए वाराणसी की पहली महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का गौरव हासिल किया। वहीं श्रीमती शिप्रा धर ने डॉक्टर बनकर समाज सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया और 705 बेटियों का निःशुल्क जन्म कराकर ‘बेटी नहीं है बोझ’ का संदेश दिया।
इन महिलाओं की उपलब्धियों ने कार्यक्रम में उपस्थित युवतियों और अन्य प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता हासिल की जा सकती है।
प्रतियोगिता के विजेता और सम्मान
मैराथन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। विजेताओं का विवरण इस प्रकार है:
1. प्रथम स्थान – अंजलि प्रजापति (कक्षा 9, विकास इंटर कॉलेज)
2. द्वितीय स्थान – छवि गुप्ता (कक्षा 9, विकास इंटर कॉलेज)
3. तृतीय स्थान – तान्या गुप्ता (कक्षा 8, विकास इंटर कॉलेज)
विजेताओं को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम और हेल्पलाइन जानकारी
मैराथन के दौरान महिला सुरक्षा और अधिकारों से संबंधित जागरूकता अभियान भी चलाया गया। प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
• महिला हेल्पलाइन – 1090
• पुलिस आपातकालीन सेवा – 112
• मुख्यमंत्री हेल्पलाइन – 1076
• चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098
• वन स्टॉप सेंटर – 181
• साइबर हेल्पलाइन – 1930
• स्वास्थ्य सेवा – 102
• एंबुलेंस सेवा – 108
इसके साथ ही महिलाओं को साइबर अपराध, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और अन्य अपराधों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
मिशन शक्ति अभियान की भूमिका
मिशन शक्ति अभियान-5.0 के तहत इस प्रकार के आयोजन प्रदेशभर में किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। वाराणसी में आयोजित यह मैराथन इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
अधिकारियों ने बताया कि मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं बल्कि एक सतत प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना विकसित की जा रही है।
समाज को मिला सशक्त संदेश
इस आयोजन के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और उन्हें केवल अवसर और प्रोत्साहन की आवश्यकता है। समाज के सभी वर्गों को मिलकर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सम्मान को सुनिश्चित करना होगा।
‘Run For Empowerment’ मैराथन ने यह साबित किया कि जब समाज के विभिन्न वर्ग एकजुट होकर किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए आगे आते हैं, तो परिवर्तन निश्चित रूप से संभव होता है।
निष्कर्ष
वाराणसी में आयोजित यह मैराथन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुई। इसमें भाग लेने वाली प्रत्येक महिला और प्रतिभागी इस संदेश को आगे ले जाने का माध्यम बनी कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस प्रकार के आयोजनों से न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव भी मजबूत होती है। आने वाले समय में भी ऐसे प्रयासों के माध्यम से महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य जारी रहेगा।
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