मेरठ में सनसनीखेज खुलासा: बीएसएफ जवान की हत्या में पत्नी ही निकली मास्टरमाइंड, पांच आरोपी गिरफ्तार
मेरठ जिले में बीएसएफ जवान नैन सिंह जाटव की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए चौंकाने वाली साजिश का पर्दाफाश किया है। इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी कोमल ही मुख्य साजिशकर्ता निकली, जिसने अपनी बहन के मंगेतर गुलशन के साथ मिलकर पूरी वारदात की योजना बनाई थी। पुलिस ने इस मामले में पत्नी समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पत्नी ने रची थी हत्या की पूरी साजिश
एसएसपी अविनाश पांडेय ने रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि नैन सिंह की पत्नी कोमल का अपनी बहन के मंगेतर गुलशन के साथ नजदीकी संबंध हो गया था। इसी के चलते पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। बताया गया कि नैन सिंह द्वारा कोमल की पिटाई किए जाने पर गुलशन उसका पक्ष लेता था और दोनों के बीच नैन सिंह को रास्ते से हटाने की योजना बनी।
करीब छह माह पहले ही दोनों ने हत्या की साजिश तैयार कर ली थी। गुलशन ने अपने साथियों राहुल उर्फ पवन, मोंटू और गुड्डू को इस काम के लिए तैयार किया। नैन सिंह की हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी।
आभूषण गिरवी रखकर जुटाई गई सुपारी की रकम
हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए कोमल ने अपने आभूषण गिरवी रखकर रकम जुटाई थी। आरोपियों को 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए, साथ ही तमंचा खरीदने के लिए भी पैसे दिए गए। इस पूरी योजना में कोमल सक्रिय रूप से शामिल रही और लगातार गुलशन के संपर्क में थी।
छुट्टी पर आए जवान की बेडरूम में हत्या
मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के गांव धनपुर निवासी 36 वर्षीय नैन सिंह जाटव वर्ष 2011 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे और वर्तमान में पश्चिम बंगाल के मालदा में 78वीं वाहिनी में तैनात थे। वह छह मार्च को अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी लेकर घर आए थे।
घटना की रात आरोपी गुलशन अपने साथ राहुल, गुड्डू और मोंटू को लेकर नैन सिंह के घर पहुंचे। रात करीब 1:40 बजे गुड्डू दीवार कूदकर घर में घुसा, लेकिन गोली चलाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। इसके बाद राहुल उर्फ पवन अंदर गया और नैन सिंह की कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। गोली सिर के आर-पार हो गई और दीवार से टकराकर शरीर में जा घुसी। मौके पर ही नैन सिंह की मौत हो गई।
पुलिस को शुरुआत से ही पत्नी पर था शक
हत्या के बाद मृतक के पिता गरीबदास ने पड़ोसी महेश और उसके बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को कोमल की भूमिका संदिग्ध लगी। मोबाइल कॉल डिटेल की जांच में कोमल और गुलशन के बीच लगातार संपर्क सामने आया, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और पूरे मामले का खुलासा हुआ।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने इस मामले में पत्नी कोमल, गुलशन, राहुल उर्फ पवन, मोंटू और गुड्डू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त तमंचा और अन्य साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
प्रेस कांफ्रेंस में बेहोश हुई आरोपी पत्नी
मामले का खुलासा करते समय एक अजीब स्थिति तब पैदा हो गई जब आरोपी पत्नी कोमल अचानक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बेहोश होकर गिरने लगी। वहां मौजूद महिला कांस्टेबल ने उसे संभाला और तत्काल पानी पिलाया गया। बाद में उसे जिला अस्पताल ले जाकर डॉक्टरों को दिखाया गया, जहां उसकी हालत सामान्य पाई गई। इसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
पुलिस टीम को मिला इनाम
इस जघन्य हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा करने पर एसएसपी अविनाश पांडेय ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की जांच में तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल की अहम भूमिका रही।
यह मामला न केवल रिश्तों के टूटने की भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आपसी विवाद किस तरह खतरनाक साजिश में बदल सकता है। पुलिस अब मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
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