मेरठ में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, बीएसए कार्यालय का घेराव
मेरठ में निजी स्कूल संचालकों की कथित मनमानी के विरोध में छात्रों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी की और बीएसए आशा चौधरी का घेराव किया। अधिकारियों द्वारा शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ही छात्रों ने अपना विरोध समाप्त किया।
छात्र नेता शान मुहम्मद के नेतृत्व में प्रदर्शन
यह प्रदर्शन सीसीएसयू के छात्र नेता एवं भीम आर्मी छात्र सभा के पश्चिम प्रभारी शान मुहम्मद के नेतृत्व में किया गया। दोपहर के समय बड़ी संख्या में छात्र बीएसए कार्यालय पहुंचे और निजी स्कूलों के खिलाफ आक्रोश जताया।
छात्रों का आरोप था कि जिले के कई निजी स्कूल संचालक अभिभावकों और छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे हैं और नियमों की अनदेखी कर मनमानी कर रहे हैं।
एक ही दुकान से किताबें खरीदने का दबाव
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि निजी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को एक ही निर्धारित दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। इन दुकानों पर निजी प्रकाशनों की महंगी किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे अभिभावकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन और दुकानदारों के बीच कमीशन का खेल चल रहा है, जिसके चलते अभिभावकों को मजबूरी में महंगी किताबें खरीदनी पड़ रही हैं।
हजारों रुपये में बिक रहे किताबों के सेट
छात्रों के अनुसार जिले के किठौर, खरखौदा, रजपुरा और माछरा ब्लॉक में कक्षा दो और कक्षा तीन के छात्रों के लिए किताबों के सेट अत्यधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं। कक्षा दो का सेट लगभग छह हजार रुपये और कक्षा तीन का सेट सात हजार रुपये तक में उपलब्ध कराया जा रहा है।
इन सेट्स में क्रमशः 16 और 17 किताबें शामिल हैं, जो अधिकांशतः निजी प्रकाशनों की हैं। छात्रों का कहना है कि एनसीईआरटी की पुस्तकों को नजरअंदाज कर महंगी किताबें पाठ्यक्रम में शामिल की जा रही हैं।
अन्य सामग्री भी निर्धारित दुकानों से खरीदने का दबाव
आरोप यह भी है कि स्कूल प्रबंधन केवल किताबें ही नहीं, बल्कि कॉपी, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते और मोजे जैसी अन्य आवश्यक सामग्री भी निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं।
इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और वे इस व्यवस्था से परेशान हैं।
कार्रवाई की मांग, नोटिस जारी करने की अपील
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने बीएसए से मांग की कि ऐसे स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में आरिश इमरान, आरफीन चौहान, तस्लीम अहमद, आकाश और आसिफ सहित कई छात्र शामिल रहे।
बीएसए ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
बीएसए आशा चौधरी ने छात्रों को आश्वस्त किया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो दोषी स्कूलों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
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