काशी की आत्मा को तस्वीरों में कैद करेगा स्टिल फ्रेम्स ऑफ काशी BHU में दो दिवसीय प्रदर्शनी 17 से
वाराणसी: काशी की जीवंत संस्कृति आध्यात्मिकता और सदियों पुरानी परंपराओं को एक नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर अब बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में मिलने जा रहा है। 17 और 18 अप्रैल 2026 को विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स स्थित अहिवासी कला वीथिका में स्टिल फ्रेम्स ऑफ काशी शीर्षक से एक विशेष फोटोग्राफी प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण होगा बल्कि उन सभी लोगों के लिए भी खास साबित होगा जो काशी की आत्मा को करीब से महसूस करना चाहते हैं।
तस्वीरों में जीवंत होगी काशी की संस्कृति और जीवन
इस प्रदर्शनी में काशी के विविध आयामों को कैमरे के माध्यम से अत्यंत संवेदनशीलता और कलात्मक दृष्टि के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। गंगा तट पर बसे प्रसिद्ध घाटों की सुबह की शांति आरती के समय की दिव्यता संकरी गलियों की हलचल प्राचीन मंदिरों की भव्यता और आम जनजीवन के सहज क्षणों को तस्वीरों में इस तरह उकेरा गया है कि दर्शक स्वयं को काशी के वातावरण में मौजूद महसूस कर सके। प्रदर्शनी में कई ऐसे दुर्लभ और अनदेखे दृश्य भी शामिल किए गए हैं जो सामान्यतः लोगों की नजरों से दूर रहते हैं लेकिन शहर की वास्तविक पहचान को गहराई से दर्शाते हैं।
कला और संवेदना का संगम
आयोजकों के अनुसार यह प्रदर्शनी केवल तस्वीरों का संग्रह नहीं बल्कि काशी के रंग रूप और भावनाओं का जीवंत दस्तावेज है। इसमें पारंपरिक जीवनशैली और आधुनिक परिवेश के बीच संतुलन को भी दर्शाया गया है। कलाकारों ने अपने कैमरे के माध्यम से न केवल दृश्य बल्कि उन भावनाओं को भी कैद करने का प्रयास किया है जो काशी को विशिष्ट बनाती हैं।
प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर प्रमोद कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे जबकि फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स की डीन डॉ उत्तमा दीक्षित विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगी। इसके अलावा प्रख्यात फोटो पत्रकार अखिलेश मिश्रा विशेष अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इन सभी की मौजूदगी से यह आयोजन और अधिक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक बन जाएगा खासकर उन युवाओं के लिए जो फोटोग्राफी के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं।
युवा प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए फोटोग्राफरों को एक सार्थक मंच प्रदान करना है जहां वे अपनी रचनात्मकता को व्यापक दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर सकें। इसके साथ ही काशी की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह प्रदर्शनी इस बात का उदाहरण है कि कैसे कला और तकनीक का समन्वय किसी शहर की पहचान को नए आयाम दे सकता है।
आयोजकों की पहल और संदेश
आयोजन से जुड़े अक्षत मिश्र ने मीडिया प्रतिनिधियों से इस कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर कवर करने की अपील की है ताकि इस पहल के माध्यम से काशी की अनूठी छवि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल एक आयोजन नहीं बल्कि काशी को नए नजरिए से देखने और समझने का एक प्रयास है जो दर्शकों को गहराई से जोड़ने का कार्य करेगा।
कला प्रेमियों के लिए विशेष अवसर
सभी कला प्रेमियों विद्यार्थियों और आम नागरिकों से इस दो दिवसीय प्रदर्शनी में शामिल होने की अपील की गई है। यह आयोजन न केवल देखने का अवसर प्रदान करेगा बल्कि काशी के जीवंत और बहुरंगी स्वरूप को समझने का माध्यम भी बनेगा।
वाराणसी जैसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व वाले शहर में इस तरह के आयोजनों का विशेष महत्व होता है। स्टिल फ्रेम्स ऑफ काशी के माध्यम से एक बार फिर यह प्रयास किया जा रहा है कि इस प्राचीन नगरी की आत्मा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए और उसकी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने की दिशा में सार्थक कदम उठाए जाएं।
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