गाजीपुर में फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर सख्ती, दो लेखपाल निलंबित, कई पर कार्रवाई
गाजीपुर जिले में फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए कई लेखपालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि किसानों से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब तक दो लेखपालों को निलंबित किया जा चुका है, जबकि दो अन्य के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है और तीन को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है।
दो लेखपाल निलंबित, दो पर विभागीय कार्रवाई
जिलाधिकारी ने जगदीशपुर विद्यापति की लेखपाल अनुराधा यादव और जरगो के लेखपाल आमोद प्रकाश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा बिराइच के नरेंद्र उपाध्याय और नवदर के सूरज यादव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। वहीं शिवदीप झा, राजू राम और दुष्यंत सिंह को लापरवाही के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
फार्मर आईडी को लेकर प्रशासन गंभीर
जनपद में कुल 5,71,518 किसानों के सापेक्ष अब तक 4,22,978 किसानों ने अपनी फार्मर आईडी बनवा ली है, जबकि 1,48,540 किसानों की आईडी बनना अभी शेष है। शासन और प्रशासन इस कार्य को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि यह किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अनिवार्य हो गया है।
आईडी न होने पर खाद और बीज नहीं मिलेगा
कृषि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है, उन्हें भविष्य में उर्वरक और बीज उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि यंत्र सब्सिडी और गेहूं क्रय केंद्रों पर फसल बेचने जैसी सुविधाओं के लिए भी फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है।
किसानों से जल्द रजिस्ट्री कराने की अपील
जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर रजिस्ट्री पूरी कर लें, ताकि उन्हें किसी भी योजना से वंचित न होना पड़े। उन्होंने बताया कि कई मामलों में नाम के अंतर, अंश निर्धारण या खतौनी और आधार में भिन्नता के कारण समस्याएं आ रही हैं, जिन्हें दूर करने के लिए तहसील स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है।
प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने ग्राम के लेखपाल से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों को सही कराएं और समय रहते अपनी फार्मर आईडी बनवा लें।
2600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी अभियान में जुटे
फार्मर आईडी बनाने के अभियान को तेज करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर संसाधन लगाए हैं। छह अप्रैल से चल रहे इस विशेष अभियान में 2600 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी गांव-गांव जाकर कैंप लगा रहे हैं और किसानों की आईडी बनाने में मदद कर रहे हैं।
जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में 50 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारी, सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी और करीब 200 विकासखंड स्तरीय अधिकारी इस कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अभियान के तहत अब तक 35,000 से अधिक नई फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।
सरकारी योजनाओं के लिए अनिवार्य हुई फार्मर आईडी
आठ अप्रैल को जारी शासनादेश के अनुसार अब किसान पहचान पत्र यानी फार्मर आईडी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनिवार्य हो गई है। इसमें उर्वरक और बीज वितरण, कृषि यंत्रों पर अनुदान, गेहूं खरीद केंद्रों पर बिक्री और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं।
प्रशासन का मानना है कि इस पहल से किसानों का डेटा व्यवस्थित होगा और योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सकेगा। हालांकि, इसके सफल क्रियान्वयन के लिए समय पर रजिस्ट्री कराना किसानों के लिए बेहद जरूरी है।
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