जनपद बलिया में एक मासूम बालक की हत्या से जुड़े मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्वाट सर्विलांस टीम बलिया और थाना सहतवार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हत्या के इस सनसनीखेज मामले में वांछित अभियुक्त और अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी मृतक बालक के सगे चाचा और चाची हैं। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ला के निकट पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश किया।
घटना की शुरुआत 25 जनवरी 2026 को हुई थी, जब थाना सहतवार क्षेत्र के ग्राम सिंगही निवासी गणेश प्रजापति ने थाने में लिखित तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि उसका भतीजा अभिषेक प्रजापति पुत्र चंदन प्रजापति उम्र करीब 9 वर्ष दोपहर लगभग चार बजे घर के पास खेलते समय अचानक लापता हो गया। इस सूचना के आधार पर थाना सहतवार में मुकदमा संख्या 19/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया और पुलिस ने तलाश शुरू की।
इसी क्रम में 31 जनवरी 2026 को शाम करीब साढ़े पांच बजे घाघरा नदी में 64 बंधा के पास बालक अभिषेक प्रजापति का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद मामले की विवेचना तेज की गई। जांच के दौरान संदेह की सुई मृतक के चाचा गणेश प्रजापति और उसकी पत्नी अमृता देवी की ओर गई, जिनके नाम प्रकाश में आए।
आज 7 फरवरी 2026 को थानाध्यक्ष सहतवार अनिल कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान स्वाट और सर्विलांस टीम भी मौके पर पहुंची। तभी मुखबिर खास से सूचना मिली कि ग्राम सिंगही में बच्चे की हत्या से जुड़े अभियुक्त इस समय मोटरसाइकिल से ताहिरपुर की ओर भागने की फिराक में हैं। सूचना पर विश्वास करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका और पूछताछ की।
पकड़े गए व्यक्तियों ने अपना नाम गणेश प्रजापति पुत्र नंद बिहारी प्रजापति और अमृता देवी पत्नी गणेश प्रजापति निवासी ग्राम सिंगही थाना सहतवार जनपद बलिया बताया। दोनों को मुकदमा संख्या 19/2026 में बढ़ोत्तरी धाराओं 140(1), 103(1), 62(2), 238 बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी का समय करीब 10 बजकर 15 मिनट बताया गया है।
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने अपराध स्वीकार कर लिया। अभियुक्त गणेश प्रजापति ने बताया कि पारिवारिक तनाव और संतान न होने को लेकर तानों से आहत होकर उसने यह खौफनाक कदम उठाया। उसने बताया कि 25 जनवरी को एक गांव के लड़के के माध्यम से अभिषेक को बहला फुसलाकर बुलाया गया और फिर मोटरसाइकिल से घाघरा नदी के किनारे ले जाकर ईंट से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को नदी में फेंक दिया गया और गवाह बने लड़के को धमकी दी गई।
अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा, तीन मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
इस पूरे मामले के खुलासे में सर्विलांस और स्वाट टीम की भूमिका अहम रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देती है कि अपराध कितना भी छिपा हुआ क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे हैं और अपराधी बच नहीं सकते।
