बलिया में 19 दिन बाद अज्ञात शव की शिनाख्त, प्रेम संबंध में युवक की हत्या का खुलासा
बलिया के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के चिलकहर नत्थोपुर लोहटा मार्ग पर मिले अज्ञात युवक के शव की शिनाख्त आखिरकार 19 दिन बाद हो गई। मृतक की पहचान आजमगढ़ जनपद के लाहीडीह थाना फूलपुर निवासी पंकज गुप्ता उम्र लगभग 30 वर्ष के रूप में हुई है। मामले का खुलासा रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने किया। पुलिस के अनुसार यह हत्या प्रेम संबंध और कथित दबाव के चलते सुनियोजित ढंग से की गई थी।
चेहरे पर तेजाब डालकर पहचान छिपाने की कोशिश
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों ने युवक की पहचान छिपाने के लिए शव के चेहरे पर तेजाब डाल दिया था और उसे खेत में फेंक दिया था। घटना के बाद शव की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। निर्धारित अवधि तक पहचान न होने पर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर अंतिम संस्कार करा दिया गया था। बाद में सर्विलांस और जांच के आधार पर मामले की कड़ियां जुड़ीं और मृतक की पहचान संभव हो सकी।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि पंकज गुप्ता के आजमगढ़ जनपद के सरायमीर थाना क्षेत्र के सिकहुला गांव निवासी विजय पाल सिंह की बहन रेखा सिंह से संबंध थे। पुलिस के अनुसार पंकज के पास कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो थे, जिनके आधार पर वह रेखा पर दबाव बनाता था और उन्हें वायरल करने की धमकी देता था। इस बात से परेशान होकर रेखा ने अपने पति अरुण सोनी निवासी नियाऊज थाना फूलपुर और अपने भाई विजय पाल सिंह तथा भाभी अंजनी सिंह को पूरी जानकारी दी।
इसी दौरान पांच फरवरी को अंजनी सिंह के मायके चिलकहर थाना गड़वार में छोटी बहन की शादी थी। शादी में विजय पाल सिंह, अंजनी सिंह, रेखा सिंह और उसके पति अरुण सोनी मौजूद थे। वहीं इस मुद्दे पर अंजनी सिंह के भाई मनीष सिंह से भी चर्चा की गई। पुलिस के अनुसार पांचों ने मिलकर पंकज की हत्या की योजना बनाई।
रसड़ा बुलाकर की गई हत्या
योजना के तहत सात फरवरी को रेखा ने पंकज को मिलने के बहाने रसड़ा बुलाया। वहां पांचों आरोपियों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद मृतक के बैग और कुछ कपड़ों को मौके पर ही जला दिया गया। मोबाइल फोन को कुछ दूरी पर फेंक दिया गया ताकि साक्ष्य न मिल सके। इसके बाद शव को खेत में फेंक दिया गया और चेहरे पर तेजाब डालकर पहचान मिटाने का प्रयास किया गया।
सर्विलांस से खुला राज
इस बीच पंकज गुप्ता की बहन की शादी 24 फरवरी को तय थी। पंकज के अचानक लापता होने और मोबाइल बंद मिलने पर परिजनों ने खोजबीन की और अंततः फूलपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। सर्विलांस के माध्यम से पुलिस को पंकज की अंतिम लोकेशन रसड़ा स्टेशन के पास मिली। इसके बाद आजमगढ़ पुलिस ने रसड़ा पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान अज्ञात शव की जानकारी सामने आई जिसका हुलिया मेल खा रहा था। परिजनों ने फोटो और कपड़ों के आधार पर शिनाख्त की पुष्टि की।
तीन गिरफ्तार, दो फरार
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर रेखा के भाई विजय पाल सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। स्वाट, सर्विलांस और रसड़ा कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने विजय पाल सिंह, उसकी पत्नी अंजनी सिंह और साले मनीष सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन, तेजाब की दो खाली बोतलें और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई है।
मामले में दो अन्य आरोपी रेखा सिंह और उसके पति अरुण सोनी फिलहाल फरार हैं। पुलिस के अनुसार दोनों के मध्यप्रदेश में होने की सूचना मिली है और उनकी तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक ने घटना का सफल खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
पृष्ठभूमि और आगे की कार्रवाई
यह मामला दर्शाता है कि निजी संबंधों से जुड़ा विवाद किस तरह गंभीर अपराध में बदल सकता है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की विधिक प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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