गोंडा: तिलकोत्सव में जा रहे दो युवकों की सड़क हादसे में मौत, एंबुलेंस देरी पर उठे सवाल
गोंडा जिले में दतौली-मोतीगंज मार्ग पर शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की जान चली गई। दोनों युवक तिलकोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाइक से जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजापुर परसौरा गांव के पास हुआ हादसा
यह हादसा राजापुर परसौरा गांव के पास हुआ, जहां दिनारा गांव निवासी प्रमोद तिवारी उर्फ पप्पू और नीरज शुक्ला मोटरसाइकिल से राजगढ़ बाजार स्थित एक मैरिज हॉल में आयोजित तिलकोत्सव समारोह में जा रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था।
रास्ते में बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे बने गड्ढे में जा गिरी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
एक की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम
हादसे में प्रमोद तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नीरज शुक्ला को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक प्रमोद तिवारी खेती-किसानी से जुड़े थे और उनके परिवार में पत्नी सीमा और दो बेटे हैं। घटना के बाद उनकी पत्नी बदहवास है और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं नीरज शुक्ला भी किसान थे। उनके परिवार की स्थिति और भी दयनीय बताई जा रही है। उनके पिता दिव्यांग हैं और घर पर ही रहते हैं। नीरज के परिवार में पत्नी, एक बेटा श्लोक और बहन प्रियांशी है, जिसकी शादी अभी बाकी है। करीब आठ साल पहले उनकी मां का भी निधन हो चुका है। इस हादसे के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है।
एंबुलेंस की देरी पर गंभीर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिल सकी। बताया जा रहा है कि करीब दो घंटे तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाई, जिसके कारण घायल को समय पर इलाज नहीं मिल सका।
प्रभारी थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि यदि समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती तो नीरज की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस द्वारा जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनकापुर से संपर्क किया गया तो वहां से दूरी का हवाला देकर काजीदेवर सीएचसी से संपर्क करने को कहा गया।
काजीदेवर से संपर्क करने पर भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई। अंततः जब पुलिस वाहन से घायल को ले जाया जा रहा था, तब रास्ते में बढ़या गांव के पास खड़ी एक एंबुलेंस की मदद ली गई।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, सीएमओ को भेजा गया पत्र
इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी लापरवाही
इस हादसे में हेलमेट न पहनना भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, हेलमेट पहनने से गंभीर चोटों की संभावना काफी कम हो जाती है। ऐसे में यह घटना लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की भी सख्त चेतावनी देती है।
यह हादसा न केवल दो परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक गंभीर संदेश भी है कि सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं में सुधार की तत्काल आवश्यकता है।
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