मुजफ्फरपुर जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ उत्पाद विभाग ने एक बड़ी और अहम कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले के गायघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत मैठी टोल प्लाजा के पास उत्पाद विभाग की टीम ने सीमेंट के पिलर लदे एक ट्रक से भारी मात्रा में शराब बरामद की है। इस कार्रवाई में ट्रक के चालक और उप चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह शराब होली पर्व के मौके पर खपाने के लिए लाई जा रही थी।
उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि दूसरे प्रदेश से शराब की एक बड़ी खेप ट्रक के माध्यम से मुजफ्फरपुर लाई जा रही है। सूचना के आधार पर उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने गायघाट स्थित मैठी टोल प्लाजा के समीप एक लाइन होटल के पास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। कुछ देर बाद एक पिलर लदा ट्रक वहां पहुंचा, जिसे शक के आधार पर रोक लिया गया।
ट्रक को रोकने के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने चालक से पूछताछ की। चालक ने बताया कि ट्रक में सीमेंट के पिलर लदे हुए हैं और वह निर्माण सामग्री लेकर जा रहा है। हालांकि, विभाग के पास पहले से ही पुख्ता सूचना थी कि इसी ट्रक के जरिए शराब की तस्करी की जा रही है। इसके बाद टीम ने पूरी सतर्कता के साथ ट्रक की तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान सीमेंट के पिलरों के नीचे छिपाकर रखे गए शराब के कई कार्टन बरामद किए गए। पिलरों की आड़ में इस तरह शराब छिपाने की योजना काफी सुनियोजित बताई जा रही है।
शराब बरामद होने के बाद ट्रक और जब्त शराब को उत्पाद थाना लाया गया है। वहां शराब की गिनती की जा रही है और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। साथ ही गिरफ्तार चालक और उप चालक से पूछताछ कर उनके नाम पते और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह कोई अकेली खेप नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित तस्करी गिरोह सक्रिय है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि होली जैसे बड़े त्योहार को ध्यान में रखते हुए शराब की इस खेप को बिहार में खपाने की तैयारी थी। योजना के तहत पहले शराब को किसी सुरक्षित ठिकाने पर स्टॉक किया जाना था। इसके बाद छोटी गाड़ियों के जरिए जिले और आसपास के इलाकों में सप्लाई की जानी थी। समय रहते कार्रवाई होने से तस्करों की यह योजना विफल हो गई और नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून के तहत अवैध शराब के कारोबार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में लगातार गश्त और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा, ताकि अवैध शराब तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर भी हलचल देखी गई है। लोगों का कहना है कि जिस तरह से निर्माण सामग्री की आड़ में शराब लाई जा रही थी, वह तस्करों की नई रणनीति को दर्शाता है। हालांकि उत्पाद विभाग की सतर्कता से एक बार फिर यह साफ हो गया है कि कानून से बचना आसान नहीं है।
