एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन बेटिंग एप के जरिए ठगी करने वाला संगठित साइबर गिरोह गिरफ्तार, नोएडा स्कूल धमकी मेल केस से जुड़ा मोबाइल बरामद
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने संगठित साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन बेटिंग एप के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी करने वाले छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कॉल सेंटर की तर्ज पर अवैध ऑनलाइन बेटिंग एप संचालित कर रहा था और अमेरिका, भारत तथा नेपाल के नागरिकों को निशाना बना रहा था। कार्रवाई के दौरान नोएडा के विभिन्न स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ईमेल मामले से जुड़ा रिकवरी ईमेल में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
गिरफ्तारी 13 फरवरी 2026 को समय लगभग 17:15 बजे एसटीएफ कार्यालय नोएडा क्षेत्र से की गई। 23 जनवरी 2026 को जनपद गौतमबुद्धनगर के विभिन्न स्कूलों को धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए थे। इस संबंध में साइबर क्राइम थाना में मु0अ0सं0 11/2026 धारा 351(4), 353(1)(बी) बीएनएस तथा 66 आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। तकनीकी जांच के दौरान पता चला कि धमकी भरा मेल अमेरिका से ओरिजिनेट हुआ था, जबकि उससे जुड़ा रिकवरी ईमेल बांग्लादेश और भारत से संबंधित पाया गया। आगे की जांच में इसका लिंक थाना बिसरख क्षेत्र के शाहबेरी इलाके से जुड़ा मिला, जहां छापेमारी कर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया।
गिरफ्तार आरोपी
1. अमीष जंग कार्की पुत्र मोहन कार्की, मूल निवासी बख्तपुर काठमांडू नेपाल, वर्तमान पता एसजी 3401 टावर नंबर 04 साया गोल्ड सोसाइटी इंदिरापुरम गाजियाबाद।
2. अनंत कुमार पुत्र कैलाश चंद, निवासी 35/58 सी/2 डी न्यू लक्ष्मीपुरम कमलानगर जनपद आगरा।
3. दिव्यांशु पुत्र प्रकाश महाराज, निवासी ग्राम सरैया गोपालगंज बिहार, वर्तमान पता कामख्या विला शाहबेरी गाजियाबाद।
4. साहिल कुमार पुत्र नीरज राम, निवासी छविया गोपालगंज बिहार, वर्तमान पता वार्ड नंबर ए/30 कामख्या विला शाहबेरी गाजियाबाद।
5. लेखनाथ शर्मा पुत्र देवी प्रसाद शर्मा, निवासी ग्राम पर्वत नेपाल, वर्तमान पता साया गोल्ड सोसाइटी इंदिरापुरम गाजियाबाद।
6. केदारनाथ पुत्र मुकुंद प्रसाद, निवासी ग्राम सरलाई नेपाल, वर्तमान पता साया गोल्ड सोसाइटी इंदिरापुरम गाजियाबाद।
बरामदगी का विवरण
4 लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, 16 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 2 नेपाली पासपोर्ट, 2 कूटरचित आधार कार्ड, 4 पैन कार्ड, 1 चेकबुक, 1 नेपाली पैन कार्ड, 1 नेपाली नागरिकता पहचान पत्र, 1 ड्राइविंग लाइसेंस तथा 19,500 रुपये भारतीय मुद्रा बरामद की गई है। साथ ही धमकी भरे मेल से जुड़े रिकवरी ईमेल में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसकी गहन फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
कॉल सेंटर की तरह संचालित हो रहा था अवैध नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त अवैध ऑनलाइन बेटिंग एप का संचालन कॉल सेंटर मॉडल पर कर रहे थे। अमेरिकी नामों से मिलती जुलती ईमेल आईडी बनाकर ग्राहकों को संपर्क किया जाता था। उन्हें निवेश के नाम पर ऑनलाइन एप में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था। असली लोकेशन छिपाने के लिए वीपीएन और फर्जी जीपीएस लोकेशन एप का उपयोग किया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के कुछ सदस्य पूर्व में कॉल सेंटर और टेक सपोर्ट कंपनियों में कार्य कर चुके हैं। तकनीकी ज्ञान और विदेशी संपर्कों का उपयोग कर यह नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
धमकी मेल की कड़ी की जांच जारी
एसटीएफ के अनुसार बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि नोएडा स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ईमेल की पूरी साजिश का खुलासा हो सके। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की विधिक प्रक्रिया
गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना सूरजपुर जनपद गौतमबुद्धनगर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया जा रहा है। एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा और संगठित गिरोहों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन निवेश, बेटिंग एप या ठगी से संबंधित गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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