रायबरेली जनपद के रूपामऊ रेलवे स्टेशन पर वर्ष 2012 में हुए चर्चित केबिन मैन हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार 13 वर्ष बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। जीआरपी पुलिस ने गुजरात प्रांत के अहमदाबाद से आरोपी संत कुमार को दबोचने में सफलता हासिल की है। अभियुक्त पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा था।
2012 की घटना: ड्यूटी के दौरान हुई थी हत्या
जीआरपी थानाध्यक्ष सचिन कुमार के अनुसार 1 दिसंबर 2012 को रूपामऊ रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान केबिन मैन कालीचरण की अज्ञात हमलावरों ने निर्मम हत्या कर दी थी। घटना ने उस समय रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी थी। मृतक के पुत्र कन्हैया लाल निवासी शोरा गंगागंज ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस जांच में कुछ संदिग्ध नाम प्रकाश में आए। इनमें वादी कन्हैया लाल, डलमऊ थाना क्षेत्र के गांव पूरे बघेल निवासी संतोष कुमार तथा जिला फतेहपुर के थाना हुसैनगंज अंतर्गत गांव नौगवां निवासी संत कुमार का नाम शामिल किया गया। जांच आगे बढ़ने पर संत कुमार पर हत्या में संलिप्तता का आरोप लगा, लेकिन घटना के बाद से ही वह फरार हो गया था।
50 हजार का इनाम, वर्षों से थी तलाश
अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लगातार प्रयास किए, लेकिन वह विभिन्न स्थानों पर छिपता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रोहित मिश्र ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इसके बाद भी आरोपी गिरफ्तारी से बचता रहा और पुलिस को उसकी लोकेशन का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल पा रहा था।
मुखबिर की सूचना पर अहमदाबाद में दबिश
हाल ही में जीआरपी टीम को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि फरार आरोपी संत कुमार गुजरात के अहमदाबाद में रह रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने अहमदाबाद में दबिश दी और 12 फरवरी को उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उसे रायबरेली जीआरपी थाना लाया गया।
अन्य जिलों में भी दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस अधीक्षक रोहित मिश्र ने बताया कि आरोपी संत कुमार के खिलाफ रायबरेली जीआरपी थाना में हत्या का मुकदमा दर्ज है। इसके अतिरिक्त जिला फतेहपुर के थाना हुसैनगंज में जानलेवा हमला सहित कुल पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और अन्य संभावित मामलों की भी जांच की जा रही है।
न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
ट्रांजिट रिमांड पर रायबरेली लाए जाने के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से 13 वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड में महत्वपूर्ण सफलता मिली है और मामले के शेष बिंदुओं पर भी कार्रवाई जारी रहेगी।
जीआरपी पुलिस ने बताया कि लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
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