जनपद सोनभद्र में साइबर अपराध के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए दुद्धी पुलिस ने एक साइबर फ्रॉड पीड़ित को बड़ी राहत दिलाई है। पुलिस की त्वरित और समन्वित कार्यवाही से पीड़ित को ग्यारह हजार नौ सौ छियासठ रुपये बाइस पैसे की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई गई। यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को डिजिटल ठगी से बचाना और पीड़ितों को न्याय दिलाना है।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी दुद्धी के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक थाना दुद्धी और थाना स्थानीय की साइबर टीम ने इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर अपराध में समय पर शिकायत और सही प्रक्रिया के पालन से धनराशि की रिकवरी संभव हो पाई।
पीड़ित राहुल सिंह पुत्र वकील चन्द्र चौधरी निवासी अमवार थाना दुद्धी जनपद सोनभद्र ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि टेलीग्राम ऐप पर जीरो टू हीरो चैनल के माध्यम से शेयर मार्केट में निवेश का लालच देकर उनके साथ धोखाधड़ी की गई। उन्हें तीस हजार रुपये निवेश करने पर चौबीस घंटे में नब्बे हजार रुपये लाभ का झांसा दिया गया। लालच में आकर उन्होंने संबंधित खाते में धनराशि ट्रांसफर कर दी, जिसके बाद उनसे संपर्क बंद कर दिया गया। जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत पंजीकृत होते ही दुद्धी पुलिस की साइबर टीम ने मामले को गंभीरता से लिया। आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए और बैंकिंग लेनदेन का विश्लेषण किया गया। माननीय न्यायालय के आदेश के अनुसार संबंधित बैंकों से पत्राचार कर जिस धनराशि को होल्ड कराया गया था, उसे विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पीड़ित के खाते में वापस कराया गया। पुलिस के अनुसार यह राशि ग्यारह हजार नौ सौ छियासठ रुपये बाइस पैसे थी, जिसे सफलतापूर्वक पीड़ित को सौंप दिया गया।
धनराशि वापस कराने की इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह, कांस्टेबल मन्तोष कुमार और महिला कांस्टेबल संध्या यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने न केवल तकनीकी पहलुओं पर काम किया बल्कि पीड़ित को पूरी प्रक्रिया की जानकारी देकर मानसिक रूप से भी सहयोग प्रदान किया।
पुलिस प्रशासन ने इस मौके पर आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर मिलने वाले निवेश संबंधी प्रलोभनों से सावधान रहें। किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें। यदि किसी प्रकार का साइबर अपराध होता है तो बिना समय गंवाए नजदीकी थाना या साइबर क्राइम थाना को सूचित करें। त्वरित सूचना देने से धनराशि को होल्ड कराने और वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
सोनभद्र पुलिस ने जागरूक रहिए सुरक्षित रहिए का संदेश देते हुए बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में नागरिकों की सतर्कता सबसे बड़ा हथियार है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोगों का भरोसा बना रहे।
