सोनभद्र जनपद में अपराध नियंत्रण की दिशा में पुलिस को एक बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। थाना बीजपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो जिला बदर होने के बावजूद क्षेत्र में सक्रिय था। यह अभियुक्त न केवल हिस्ट्रीशीटर है, बल्कि थाना बीजपुर का टॉप टेन अपराधी भी है और उसके विरुद्ध गुण्डा एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय के कुशल पर्यवेक्षण में थाना बीजपुर पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी क्रम में सेवकामोड़ पर चेकिंग के दौरान मुखबिर खास से सूचना मिली कि एक जिला बदर अभियुक्त बकरहिवा मोड़ पर खड़ा होकर किसी साधन की प्रतीक्षा कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष बीजपुर पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और चारों ओर से घेराबंदी की गई।
घेराबंदी के दौरान समय करीब 13.30 बजे ग्राम बकरहिवा मोड़ से अभियुक्त रंजीत सिंह पुत्र इन्द्रद्रीप सिंह निवासी ग्राम धरतीड़ाड थाना बीजपुर जनपद सोनभद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त वाद संख्या 1111/2024 राज्य बनाम रंजीत सिंह के अंतर्गत धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत जिला बदर किया गया था और जिला बदर की अवधि अभी पूर्ण नहीं हुई थी। इसके बावजूद अभियुक्त क्षेत्र में खुलेआम घूम रहा था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रंजीत सिंह का आपराधिक इतिहास काफी लंबा और गंभीर है। उसके विरुद्ध मु0अ0सं0 33/2018 -धारा 323,504,506 भादवि, मु0अ0सं0 17/2024 धारा 354 504 506 भादवि, मु0अ0सं0 20/2024 -धारा 323 504 506 भादवि, मु0अ0सं0 84/2024 -धारा 110 115(2) 117(2) 191(2) 351(3) 352 भादवि, मु0अ0सं0 59/2025 -धारा 351(3) बीएनएस एवं 67 आईटी एक्ट तथा मु0क्र0सं0 04/2024 -धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत मामले दर्ज हैं। अभियुक्त थाना बीजपुर का एचएस नंबर -23ए है और उसे टॉप टेन अपराधियों की सूची में शामिल किया गया है।
पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में अपराधियों के मनोबल पर सीधा असर पड़ेगा और आम जनता को सुरक्षा का एहसास होगा। अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध और अपराधियों के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी और ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
