बम धमकी के बाद खुला वाराणसी जिला कोर्ट, सघन जांच के बीच कामकाज शुरू
वाराणसी जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को बंद किया गया परिसर सोमवार को दोबारा खोला गया। तीन दिन की बंदी के बाद जैसे ही कोर्ट परिसर में कामकाज शुरू हुआ, पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आई। वकील, वादकारी, जज और न्यायिक विभाग के कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों पर लौटे, लेकिन सुरक्षा को लेकर सतर्कता पहले से कहीं अधिक दिखाई दी।
चैंबर और अदालत कक्षों की दोबारा जांच
जजों के चैंबर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने प्रत्येक चैंबर और अदालत कक्ष की दोबारा सघन तलाशी ली। सोमवार सुबह से ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और जांच पड़ताल का पूरा होमवर्क किया। कैंट एसीपी नितिन तनेजा, इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
कोर्ट परिसर के बाहर से लेकर अंदर तक कई बिंदुओं पर पुलिस बल तैनात किया गया। प्रवेश द्वारों पर आने-जाने वालों की जांच की गई और पहचान सुनिश्चित की गई।
बम और डॉग स्क्वायड की तैनाती
सुरक्षा के मद्देनजर बम निरोधक दस्ता और श्वान दस्ता को भी बुलाया गया। एलआईयू और इंटेलिजेंस की टीमों ने भी परिसर में पहुंचकर जांच की। अदालत कक्षों, जजों के चैंबर, रिकॉर्ड रूम और अन्य संवेदनशील स्थानों की तलाशी ली गई।
परिसर में खड़े वाहनों की भी सघन जांच की गई। संदिग्ध दिखने वाले व्यक्तियों से पूछताछ की गई और वकीलों को चल रहे चेकिंग अभियान के बारे में अवगत कराया गया। पुलिस ने सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
भीड़ के बीच जांच बड़ी चुनौती
तीन दिन बाद कोर्ट खुलने के कारण सोमवार को वादकारियों और वकीलों की संख्या अधिक रही। भीड़ के बीच सघन जांच करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों ने संयम के साथ तलाशी अभियान जारी रखा।
एसीपी कैंट ने बताया कि धमकी मिलने के बाद रुटीन जांच को और सख्त किया गया है। आगे भी नियमित रूप से इसी प्रकार की जांच जारी रहेगी ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
बार एसोसिएशन की मौजूदगी में चला अभियान
सेंट्रल बार के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम और महामंत्री आशीष कुमार सिंह की उपस्थिति में भी सुरक्षा की समीक्षा की गई। बार पदाधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग की और कहा कि न्यायालय परिसर में इस तरह की धमकियां गंभीर चिंता का विषय हैं।
धमकी के पीछे के लोगों की तलाश
पुलिस ने बताया कि बम धमकी देने वालों की पहचान के लिए जांच जारी है। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य स्रोतों के माध्यम से सुराग जुटाए जा रहे हैं। संबंधित पक्षों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि कचहरी परिसर में शांति और सुरक्षा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने-जाने वाले सभी व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी होगी
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। न्यायालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, प्रवेश बिंदुओं पर जांच और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ किया जाएगा।
बार एसोसिएशन ने भी मांग की है कि धमकी देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और वकील तथा न्यायालय कर्मचारी सुरक्षित वातावरण में अपने दायित्व निभा सकें। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं।
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