वाराणसी में नवरात्र के दौरान खुले में बिक रहा कुट्टू का आटा, नियमों की अनदेखी से बढ़ा स्वास्थ्य खतरा
वाराणसी में नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे की मांग बढ़ने के साथ ही बाजारों में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। शहर के कई इलाकों में खाद्य सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर खुले में कुट्टू का आटा बेचा जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
लाइसेंस के बिना चल रहा कारोबार
खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार कुट्टू का आटा बेचने के लिए एफएसएसएआई लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। इसके बावजूद कई दुकानदार बिना वैध अनुमति के खुलेआम आटे की बिक्री कर रहे हैं। विभागीय निर्देशों के अनुसार कुट्टू का आटा केवल सीलबंद पैकेट में ही बेचा जाना चाहिए, लेकिन बाजारों में इसे खुले में तौलकर ग्राहकों को दिया जा रहा है।
पैक्ड उत्पादों में भी मानकों की अनदेखी
जहां पैक्ड कुट्टू का आटा उपलब्ध है, वहां भी कई उत्पाद निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। कई पैकेटों पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर और निर्माता का नाम-पता तक अंकित नहीं है, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
फूड पॉइजनिंग का बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार खुले में रखे आटे में नमी, धूल और फंगस लगने की आशंका रहती है, जिससे यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे आटे के सेवन से फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, खासकर व्रत के दौरान जब लोग सीमित खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहते हैं।
विभाग की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल सीलबंद और मानक के अनुरूप पैक्ड कुट्टू का आटा ही खरीदें। साथ ही खरीदते समय पैकेट पर अंकित जानकारी जैसे निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें, ताकि किसी भी स्वास्थ्य जोखिम से बचा जा सके।
नवरात्र के दौरान बढ़ती मांग के बीच यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह लापरवाही आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या बन सकती है।
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